
Deputy CM Devendra Fadnavis
महाराष्ट्र में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। ठाकरे सरकार जाने बाद अब उनके द्वारा लिए गए कई फैसलों को शिंदे सरकार द्वारा समीक्षा किया जा रहा है। शिवसेना की 'शिव भोजन थाली योजना' (Shiv Bhojan Thali Scheme) की भी रिव्यु करने का निर्देश महाराष्ट्र के खाद्य और नागरिक आपूर्ति रविंद्र चव्हाण ने दिया है। इस बीच महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाविकास अघाड़ी सरकार द्वारा शुरु की गई शिव भोजन थाली को बंद नहीं किया जाएगा। सब्सिडी वाली भोजन प्लेट योजना लोगों के लिए जारी रहेगी। इसके बाद फडणवीस ने स्पष्ट किया कि इस योजना के खिलाफ कई शिकायत मिल रही है जिसकी जांच की जाएगी और जो आरोपी हैं उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
महाराष्ट्र की पिछली एमवीए सरकार में तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे ने राज्य में शिव भोजन थाली योजना की शुरुआत की थी। उद्धव ठाकरे ने इस योजना की दिल खोलकर तारीफ भी की थी। उन्होंने कहा था इस योजना से गरीबों को भी भोजन की गांरंटी मिल रही है। जिसके तहत कम दाम पर लोग इस योजना का फायदा उठा रहे हैं। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: अगर मैं लोगों के मन में हूं तो मोदी भी मुझे खत्म नहीं कर पाएंगे, पंकजा मुंडे के बयान से गरमाया सियासी पारा
सीएम शिंदे ने भी दी प्रतिक्रिया: बता दें कि इस मामले पर राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे ने भी अपनी प्रतिक्रिया सामने रखी है। सीएम ने कहा कि शिव भोजन थाली योजना को बंद नहीं किया जाएगा। यह योजना गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराती है। प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री रविंद्र चव्हाण ने भी बताया कि शिव भोजन थाली योजना को बंद नहीं किया जाएगा। सरकार सिर्फ इसकी रिव्यु करेगी। बीते दिनों शिव भोजन थाली को बंद करने की बात सामने आ रही थी। जिसके बाद सीएम और डिप्टी सीएम ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
बता दें कि 24 सितंबर 2022 तक के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में करीब 1699 भोजन केंद्र हैं जिसमें से लगभग 1549 भोजन केंद्रों पर शिव भोजन थाली दी जाती है। राज्य में 188463 थाली को बांटने का इजाजत मिली है। फिलहाल 145591 शिव भोजन थालियां ही कस्टमर को मुहैया कार्रवाई जा रही है। कोरोना महामारी में राज्य सरकार ने इस थाली की कीमत 5 कर दिया था। हालांकि पिछले साल अप्रैल से यह थाली लोगों को फ्री में दी जाने लगी थी। लेकिन जब कोरोना का असर कम हुआ तब फ्री में थाली देने का निर्णय राज्य सरकार ने वापस ले लिया था।
इसके बाद में यह थाली लोगों को फिर 10 रुपए में मिलने लगी। शहरी इलाकों में इस थाली की कीमत 50 और ग्रामीण इलाकों में थाली के दाम 35 रुपए कर दिए गए थे। जिसमें से 10 रुपए कस्टमर को अपनी जेब से देने पड़ते थे, बाकी के रुपए सरकार के खजाने में से भरा जाता है।
Updated on:
28 Sept 2022 02:45 pm
Published on:
28 Sept 2022 02:44 pm
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