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Maharashtra News: EWS आरक्षण पर SC से फैसले का फडणवीस ने किया स्वागत, मराठा रिजर्वेशन को लेकर कही ये बात

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 फीसदी रिजर्वेशन दिए जाने को वैध बताया हैं। सुप्रीम ईकोर्ट ने कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन नहीं करता। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने स्वागत किया है।

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Devendra Fadnavis

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 फीसदी आरक्षण देने को वैध ठहराने के फैसले का महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने स्वागत किया है। फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पीएम मोदी के ईडब्ल्यूएस आरक्षण को हरी झंडी दी है। इसकी वजह से समाज के जिन लोगों को जातीय आधार पर रिजर्वेशन नहीं मिल पा रहा है पर वो गरीब हैं उनको भी 10% आरक्षण मिल रहा है। फडणवीस ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पीएम मोदी के फैसले को बरकरार रखा हम इसका स्वागत करते हैं।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा आरक्षण पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हम राज्य में मराठा आरक्षण प्रदान करने पर भी काम कर रहे हैं। 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ हर राज्य में मिल रहा है। यह भी पढ़े: Maharashtra News: फेक सर्टिफिकेट केस में घिरीं सांसद नवनीत राणा, कोर्ट ने मुंबई पुलिस को फटकारा; 28 को होगी सुनवाई

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने आज यानी सोमवार को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 प्रतिशत रिजर्वेशन दिए जाने को सही बताया है। वहीं बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की सराहना करते हुए इसे देश के गरीबों को सामाजिक न्याय प्रदान करने के अपने “मिशन” में पीएम नरेंद्र मोदी की जीत करार दिया। बीजेपी महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अनारक्षित वर्गों के लिए ईडब्ल्यूएस रिजर्वेशन की वैधता को बरकरार रखा है। पीएम मोदी के गरीब कल्याण के दृष्टिकोण के लिए यह एक और बड़ा श्रेय है। सामाजिक न्याय की दिशा में एक ओर कदम।

वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी महासचिव सीटी रवि ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला देश के गरीबों को सामाजिक न्याय प्रदान करने के अपने “मिशन” में पीएम मोदी के लिए एक और जीत है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दाखिलों और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 फीसदी रिजर्वेशन का प्रावधान करने वाले 103वें संविधान संशोधन की वैधता को दो के मुकाबले तीन मतों के बहुमत से बरकरार रखा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन नहीं करता।

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