
Prashant Kishor
महाराष्ट्र में अलग विदर्भ राज्य की मांग को लेकर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की एंट्री हो रही है। प्रशांत किशोर इस मुद्दे को जिंदा करने के लिए आगामी 20 तारीख को नागपुर आ रहे हैं। यहां वह अलग विदर्भ राज्य आंदोलन समर्थकों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। अलग विदर्भ की मांग पर अध्ययन करने के लिए प्रशांत की एक टीम पहले विदर्भ का दौरा कर चुकी है। महाराष्ट्र में अलग विदर्भ राज्य की मांग छह दशक पुरानी है।
पिछले दिनों प्रशांत किशोर ने विदर्भ राज्य आंदोलन से जुड़े लोगों से ऑनलाईन बैठक की थी। किशोर की 20 सदस्यीय टीम ने इस साल जुलाई में महाराष्ट्र का दौरा किया था और विदर्भ के 11 जिलों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट बनाया है। एक समय था, जब अलग विदर्भ को लेकर बीजेपी सदन से सड़क तक उतर जाती थी, लेकिन सत्ता मिलते ही वो इस मुद्दे को भूल गई है। राज्य व केंद्र की सत्ता में रहने के बावजूद बीजेपी ने अलग विदर्भ राज्य को लेकर मौन है। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: 44 दिन तक सुरक्षित रखा बेटी की लाश, नहीं किया अंतिम संस्कार; गैंगरेप पीड़िता के शव का सेकंड पोस्टमॉर्टम
बता दें कि अलग विदर्भ राज्य आंदोलन से जुड़े रहे राज्य के पूर्व महाधिवक्ता श्रीहरि अणे ने बताया कि प्रशांत किशोर के पास अलग विदर्भ राज्य को लेकर कुछ अलग योजना है। इस मामले में पूर्व विधायक आशीष देशमुख ने प्रशांत किशोर से संपर्क किया। उन्हीं के आमंत्रण पर वह नागपुर आ रहे हैं। मैं 20 सितंबर को होने वाली बैठक का हिस्सा नहीं बन पाऊंगा, क्योंकि मैं बाहर हूं।
11 जिलों को मिलाकर विदर्भ: बता दें कि महाराष्ट्र के 11 जिलों को अलग कर विदर्भ राज्य बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन पिछले साल से यह मांग ढ़ीली पड़ गई है। जमाने से विदर्भ के लोग अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
Updated on:
15 Sept 2022 05:04 pm
Published on:
15 Sept 2022 05:03 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
