महाराष्ट्र के अकोला जिले से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया हैं। अकोला जिले में प्रशांत मेशरे नाम के शख्स को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। लेकिन जब उसके अंतिम संस्कार के लिए उसे ले जाया जा रहा था तो अचानक अर्थी हिलने लगी और फिर अचानक....
महाराष्ट्र के अकोला जिले से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया हैं। दरअसल, पिछले कुछ समय से वो काफी बीमार था। हॉस्पिटल में भर्ती था। उसकी तबीयत बिगड़ती ही गई। एक समय ऐसा आया कि डॉक्टर ने नब्ज चेक किया और उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसे अर्थी पर लिटाकर ले जाया जा रहा था। श्मशान घाट के रास्ते में ‘राम नाम सत्य है…’ कहा जा रहा था। तभी अचानक अर्थी अपने आप हिलने लगा। अर्थी के हिलने से लोग काफी डर गए और घबराते हुए पास ही मौजूद गांव के मंदिर भाग गए। मंदिर की सीढ़ियों पर अर्थी रखी गई। थोड़ी देर के बाद अर्थी पर लेटा हुआ शख्स अचानक खड़ा हो गया।
यह घटना बुधवार को अकोला जिले के पातूर तालुका के विवरा गांव में हुई। अर्थी से उठ खड़े होने वाले शख्स की पहचान प्रशांत मेशरे के रूप में हुई। प्रशांत मेशरे होमगार्ड हैं। कुछ दिनों से प्रशांत की तबीयत खराब होने के चलते उनके घरवालों ने उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। बुधवार को उनकी तबीयत कुछ ज्यादा बिगड़ गई और डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह भी पढ़े: Maharashtra News: फेसबुक फ्रेंड से महंगा गिफ्ट लेना महिला को पड़ा भारी, गंवाए दिए 18 लाख रुपए; जाने पूरा मामला
बता दें कि प्रशांत मेशरे की नसें थम गई थीं। नस चोकअप होने के चलते डॉक्टरों ने प्रशांत को मृत घोषित किया। प्रशांत मेशरे की उम्र महज 25 साल थी। भरी जवानी में यूं चले जाने की खबर सुनते ही घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। लेकिन फिर यह सोचते हुए कि होनी को भला कौन टाल सकता है, उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू की गई।
इसके बाद प्रशांत मेशरे को जब अर्थी पर लिटाकर ले जाया जा रहा था कि अचानक उनके शरीर में हरकतें शुरू हुई। अर्थी को हिलता देख गांववालों को कुछ समझ नहीं आया। गांव वालें घबराकर पास ही के गांव के मंदिर तक पहुंचे। मंदिर की सीढियों पर अर्थी को रखा गया। थोड़ी देर के बाद प्रशांत उठकर बैठ गए।
कुछ ही समय पहले प्रशांत का शव कफन से लिपटा हुआ अर्थी पर पड़ा था और फिर कुछ ही देर बाद प्रशांत अर्थी से उठकर बैठ गया। गांव वालों ने ऐसा चमत्कार इससे पहले कभी नहीं देखा था। प्रशांत के अर्थी से उठ बैठने की खबर थोड़ी ही देर में पूरे गांव भर में फैल गई। सारा गांव यह दृश्य देखने के लिए मंदिर के पास उमड़ पड़ा। इतनी भीड़ जमा हो गई कि भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा।