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Maharashtra News: टैक्सी और ऑटो के न्यूनतम किराए में हो सकता है 10 रुपये का इजाफा, राज्य सरकार के पास प्रस्ताव

महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी से सफर करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लोगों को अब जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। अगले 10 दिन में न्यूनतम किराए वाली काली-पीली कैब और ऑटो के न्यूनतम किराए में 10 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।

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Mumbai Taxi and auto union Calls Off strike

मुंबई में टैक्सी और ऑटो यूनियन ने हड़ताल वापस ली

महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी से सफर करने वाले लोगों को अब जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। अगले 10 दिन में न्यूनतम किराए वाली काली-पीली टैक्सी और ऑटोरिक्शा के न्यूनतम किराए में 10 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई की टैक्सी और ऑटो ट्रेड यूनियनों की बैठक के बाद किराए में वृद्धि पर गंभीरता से विचार करने की बात कही है।

मुंबई टैक्सी मेन यूनियन के महासचिव एंथनी एल क्वाड्रोस ने मीडिया को बताया कि सीएनजी के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही हैं और कम पैसों में टैक्सी चलाने से घर का गुजारा करने में दिक्कत हो रही है। हम सरकार को लगातार चिठ्ठी लिखकर होने वाले घाटे का हवाला देते हुए टैक्सी का न्यूनतम किराया 10 रुपये तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पिछली बार काली पीली टैक्सी के न्यूनतम किराए में तीन रुपए की मामूली वृद्धि की गई थी। पिछले साल 1 मार्च से टैक्सी का न्यूनतम किराया 22 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये कर दिया गया था। अभी तक टैक्सी का न्यूनतम किराया 25 रुपये ही चल रहा है। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: बढ़ते प्रदुषण से कम होने लगी जिंदगी, 2 दशक में पीएम 2.5 में 99 प्रतिशत बढ़ोतरी

वहीं, मुंबई ऑटोमेन यूनियन के नेता शशांक शरद राव ने बताया कि उन्होंने खटुआ समिति के फार्मूले की गणना के मुताबिक किराए में वृद्धि की भी मांग की है। खटुआ समिति की रिपोर्ट के फार्मूले ने टैक्सियों के लिए टेलीस्कोपिक किराए की सिफारिश की थी, जिसमें लंबी यात्रा में बढ़ोतरी से किराए में छूट और एक "हैप्पी आवर" योजना लागू होगी और यह कि कम दूरी की यात्रा के दौरान कम किराए देने पड़ेंगे।

बता दें कि शशांक शरद राव ने आगे बताया कि हमनें सीएनजी की दर में 40 प्रतिशत का डिस्काउंट मांगा था। महाराष्ट्र सरकार की महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) में 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी है और हमने महाराष्ट्र सरकार और एमजीएल को चिठ्ठी लिखा है कि सार्वजनिक ट्रांसपोर्टर होने की वजह से सीएनजी के लोकल प्रोडक्शन से हमारे लिए कम रेट पर मिलना चाहिए। इससे हमें प्राथमिकता मिलेगी।

बता दें कि शशांक शरद राव ने कहा कि टैक्सी और ऑटो चालकों ने 15 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव रखा था, लेकिन महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत के साथ हुई बैठक के बाद हमने हड़ताल वापस ले ली थी। राज्य सरकार ने हमें भरोसा दिलाया है कि वह 10 दिनों के भीतर किराए में वृद्धि समेत कई लंबित मुद्दों पर कड़ा फैसला लेगी।