
Uddhav Thackeray
मुंबई: महाराष्ट्र में सियासी संकट धीरे-धीरे नया मोड़ ले रहा है। मुख्यमंत्री की अपील का फिलहाल कोई असर नहीं दिख रहा है। आज सुबह शिवसेना के तीन और विधायक गुवाहाटी पहुंचे हैं। जबकि बुधवार को चार और विधायक शिंदे गुट से जा मिले थे। ऐसे में सरकार की परेशानियां आने वाले समय में और बढ़ गई है। बुधवार रात चार विधायक गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल पहुंचे। जहां एकनाथ शिंदे बागी विधायकों के साथ ठहरे हुए हैं।
बताया जा रहा है कि शाम को जो विधायक पहुंचे हैं वह महाराष्ट्र बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के साथ सूरत से गुवाहाटी के लिए निकले थे। शिवसेना के विधायकों में गुलाबराव पाटिल और योगेश कदम का समावेश है। अन्य दो विधायकों में मंजुला गावित और चंद्रकांत पाटिल है जो निर्दलीय हैं। इससे पहले शिंदे गुट के 34 विधायकों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास भेजी है। जिसमे लिखा गया कि एकनाथ शिंदे ही शिवसेना विधायक दल के नेता है।
एकनाथ गुट ने भरत गोगावले को नया व्हीप नियुक्त किया है। इससे पहले मंगलवार को शिवसेना ने एकनाथ शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटाया था। एकनाथ शिंदे को पार्टी की तरफ से मनाने की तमाम कोशिशें की गई हैं लेकिन उसका कोई असर नहीं दिखा है।
यही कारण है कि बुधवार को सीएम उद्धव ठाकरे ने एक बड़ा फैसला लेकर सभी को चौंका दिया। वह मुख्यमंत्री आवास छोड़कर अपने घर मातोश्री पहुंचे हैं। उससे पहले फेसबुक लाइव के जरिए उन्होंने बागी विधायकों से कहा कि वह सामने आएं और बात करें।
महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मध्य प्रदेश की महिला कांग्रेस अध्यक्ष जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर गुहार लगाई है कि दलबदल करने वाले विधायकों को पांच साल के लिए इलेक्शन लड़ने से रोका जाए।
Published on:
23 Jun 2022 08:56 am

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