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Maharashtra: उद्धव ठाकरे को फिर बड़ा झटका देने की तैयारी में है एकनाथ शिंदे, अब दशहरा मेला हाईजैक करने पर नजर!

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद से ही सियासी संग्राम शुरू है। उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच ठनी हुई है। इसी बीच खबर है कि एकनाथ शिंदे जल्द ही उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका देने जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि शिंदे की नजर अब दशहरा मेला पर है।

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CM Eknath shinde will give big set back to Uddhav Thackeray, Planning to Hijack Dussehra Mela

उद्धव ठाकरे को फिर बड़ा झटका देने की तैयारी में है एकनाथ शिंदे

Maharashtra Politics: शिवसेना और दशहरा मेला का गहरा सबंध रहा था। इस खास दिन मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क मैदान पर आयोजित होने वाली शिवसेना की रैली में सूबे के कोने-कोने से शिवसैनिक आते हैं। ऐसे में इस बार उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच जारी घमासान के दौरान यह रैली होगी। माना जा रहा है कि एकनाथ शिंदे ने इस रैली को हाईजैक करने की तैयारी शुरू कर दी है।

उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच संग्राम के कारण शिवाजी पार्क मैदान में दशहरा रैली कौन आयोजित करे इसे लेकर घमासान शुरू है। बताया जा रहा है कि शिवसेना ने बीएमसी से दशहरा यानि 5 अक्टूबर के दिन रैली की अनुमति के लिए अर्जी दी है। खबर सामने आ रही है नगर निगम ने अभी इसकी हरी झंडी पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि एकनाथ शिंदे खेमा भी इसमें दिलचस्पी ले रहा है।

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गौर हो कि एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद उद्धव गुट और शिंदे खेमा असली शिवसेना को लेकर लड़ाई लड़ रहा है। पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग तक पहुंचा हुआ है। दरअसल शिवसेना के 40 विधायकों को अपने पाले में करने के बाद एकनाथ शिंदे ने पार्टी पर दावेदारी को लेकर केस किया हुआ है।

खबरें हैं कि एकनाथ शिंदे की नजर अक्टूबर में आयोजित होने वाली दशहरा रैली पर टिकी हुई है। पिछले कई सालों से शिवाजी पार्क मैदान में शिवसेना की दशहरा रैली बिना किसी उलझन के होती रही है। दशहरा के दिन शिवसेना चीफ हर हाल शिवसैनिकों को संबोधित करते रहे हैं। बालासाहेब जब जिंदा थे तब उन्हें लोग राज्य के कोने-कोने से सुनने आते थे।

शिवसेना में फुट के बाद असली शिवसेना को लेकर संग्राम शुरू है। ऐसे में इस साल दशहरा रैली की एहमियत बढ़ गई है। शिंदे गुट को पर्दे से पीछे बीजेपी समर्थन कर रही है। हो सकता है कि अगर शिवसेना को इजाजत नहीं मिलती है तो शिंदे गुट सभा के लिए अनुमति मांग सकता है।