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Maharashtra Politics: शिंदे खेमे द्वारा शरद पवार पर हमले से बौखलाई NCP, 2014 में हुए अपमान की दिलाई याद; जानें पूरा मामला

महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार पर बड़ा आरोप लगते हुए कहा कि आज से पहले जब भी शिवसेना क बंटवारा हुआ था, उसमें शरद पवार का ही हाथ था। वह ही नारायण राणे और राज ठाकरे के पीछे थे। इसपर एनसीपी नेता ने कहा कि दीपक केसरकर का बयान गैर जिम्मेदाराना है। उन्हें शिवसेना के इतिहास के बारे में पता होना चाहिए।

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Sharad Pawar, Eknath Shinde and Devendra Fadnavis

महाराष्ट्र में अभी भी सियासी संग्राम जारी है। इस बीच शिवसेना के बागी विधायक दीपक केसरकर ने आज दिल्ली पहुंचकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार पर गंभीर आरोप लगाया था। दीपक केसरकर ने कहा कि शरद पवार ने दो बार शिवसेना को तोड़ने की पूरी कोशिश की थी। दीपक केसरकर ने कहा था कि शरद पवार ने बालासाहेब ठाकरे के जीते जी उनका अपमान किया था और अब उनके सम्मान की बातें कर रहे हैं। दीपक केसरकर के इस बयान पर एनसीपी बौखला गई और पलटवार करते हुए एनसीपी ने कहा कि दीपक केसरकर को शायद शिवसेना का इतिहास ही पता नहीं है।

बता दें कि एनसीपी नेता महेश तापसे ने दीपक केसरकर द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वह तो शरद पवार ही थे, जिन्होंने कांग्रेस को भी साथ लाए और गठबंधन की सरकार बनाते हुए शिवसेना को मुख्यमंत्री का पद दिया। यह भी पढ़ें: Mumbai: आर्यन खान को मिली बड़ी राहत, स्पेशल NDPS कोर्ट ने दिए पासपोर्ट लौटाने के आदेश

एनसीपी नेता महेश तापसे ने कहा कि अवैध शिंदे सरकार के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने आरोप लगाए हैं कि जब भी शिवसेना का विभाजन हुआ तो शरद पवार का ही हाथ था। दीपक केसरकर का बयान बेहद गैर जिम्मेदाराना है। पहले दीपक केसरकर को शिवसेना के इतिहास के बारे में पता होना चाहिए। दीपक केसरकर को उस समय शिवसेना छोड़ने वाले लोगों के पीछे की असली वजह की जानकारी नहीं होगा। दीपक केसरकर नहीं पता था कि शरद पवार और बालासाहेब ठाकरे के बीच कितने बढ़िया संबंध थे।

एकनाथ शिंदे गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने कहा था कि आज एकनाथ शिंदे की बगावत पर शरद पवार बालासाहेब ठाकरे के सम्मान की बात कर रहे हैं, लेकिन जब बालासाहेब ठाकरे जीवित थे, तब उन्हें परेशान किया था। इस आरोप का जवाब देते हुए एनसीपी नेता महेश तापसे ने कहा कि 2014 में महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार बनी थी। देवेंद्र फडणवीस राज्य के सीएम बने थे और तब शिवसेना को शपथ ग्रहण समारोह में भी आमंत्रित नहीं किया था। बहरहाल, उसी शिवसेना से बगावत करने वाले विधायक, मुख्यमंत्री और प्रवक्ता आज बीजेपी के आगे झुक गए हैं। एकनाथ शिंदे खेमे ने ऐसा किया है कि बालासाहेब ठाकरे की आत्मा को बहुत दुख पहुंचा होगा।

एनसीपी नेता महेश तापसे ने आगे कहा कि 2019 में शरद पवार ने शिवसैनिकों के लिए खड़े हुए और उनकी गरिमा और स्वाभिमान को बनाए रखा था। दीपक केसरकर को याद होना चाहिए कि पवार ने शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी का गठबंधन कर शिवसेना को सीएम का पद दिया। पूरी दुनिया को पता चल गया है कि शिंदे की सरकार अवैध है और शिंदे गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर भी अवैध प्रवक्ता हैं।