मुंबई

शर्मनाक! मासिक धर्म की जांच के लिए स्कूल में लड़कियों के उतरवाए कपड़े, प्रिंसिपल समेत दो गिरफ्तार

Maharashtra School Shocker : यह घटना न केवल छात्राओं की निजता का घोर उल्लंघन है, बल्कि मानसिक उत्पीड़न का भी मामला है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और बाकी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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Jul 10, 2025
मुंबई में शर्मनाक घटना (AI Image)

महाराष्ट्र के ठाणे जिले (Thane News) के एक स्कूल में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां कक्षा 5वीं से 10वीं की छात्राओं को मासिक धर्म की जांच के नाम पर जबरन कपड़े उतरवाकर जांच की गई। यह घटना उस वक्त हुई जब स्कूल के बाथरूम में खून के धब्बे मिले। आरोप है कि स्कूल प्रिंसिपल ने पता लगाने के लिए शर्मनाक तरीका अपनाया।

पुलिस के अनुसार, यह घटना मंगलवार को हुई। प्रिंसिपल ने कक्षा पांच से दस तक की कई छात्राओं को हॉल में बुलाकर बाथरूम में मिले खून के धब्बों की तस्वीरें दिखाईं। इसके बाद छात्राओं को मासिक धर्म के आधार पर दो समूहों में बांटा गया।

प्रिंसिपल ने उन छात्राओं की जांच करने का आदेश एक महिला प्यून को दिया, जिन्होंने कहा था कि वे मासिक धर्म में नहीं हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि प्यून ने 10 से 12 वर्ष की उम्र की लड़कियों के अंडरगारमेंट्स छूकर जांच की। इस दौरान एक छात्रा के सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करने की बात पता चली। जिसके बाद प्रिंसिपल ने उसे बाकी छात्राओं और स्टाफ के सामने अपमानित करते हुए डांटा।

इस घटना की जानकारी जब छात्राओं के जरिए उनके माता-पिता तक पहुंची तो उनमें भारी आक्रोश फैल गया। बुधवार को अभिभावकों ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

पुलिस ने इस मामले में स्कूल प्रिंसिपल, प्यून, दो शिक्षकों और दो ट्रस्टियों समेत कुल छह लोगों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें से प्रिंसिपल और चपरासी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य चार के खिलाफ जांच जारी है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल और एक चपरासी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य के खिलाफ जांच चल रही है।

Published on:
10 Jul 2025 09:52 am
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