
raj thakrey
(मुंबई): अगले साल होने वाले लोकसभा व विधानसभा के चुनाव नजदीक आते ही जहां सत्ता पक्ष समेत अन्य राजनीतिक पार्टियां अपना-अपना जनाधार जुटाने में लग गई हैं, वहीं महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) प्रमुख भी इस चुनाव में अपना जनाधार बचाने के लिए ऐसे गांवों का रुख कर रहे हैं, जहां आज तक किसी भी पार्टी का कोई नेता नहीं पहुंच सका है। हाल ही में उन्होंने पश्चिम विदर्भ के अमरावती जिले के सुदूर और दुर्गम गांवों का दौरा किया और अपने लोगों के साथ रुईपठार गांव में नारायण छोटा सेलूकर के घर में स्वादिष्ट भोजन भी किया।
बहुत खस्ताहाल है रास्ता...
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने मैत्री संस्था से मुलाकात की, जो वहां के दूरदराज इलाकों समेत चिलाटी गांव में कुपोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य व ग्रामीण विकास पर काम कर रही है। विदित हो कि यह गांव चिखलदरा तालुका से करीब 40 किमी दूर है और आज तक यहां पर किसी भी पार्टी का कोई नेता सड़क के रास्ते से नहीं पहुंच सका है। यहां का रास्ता बहुत ही ऊबड़-खाबड़ और खस्ताहाल है, जिसे हमेशा ही विकास की जरूरत रहती है और यहां पर अभी तक कोई पंचायत अधिकारी की नियुक्ति भी नहीं की जा सकी है।
मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने का आश्वासन...
गौरतलब है कि यहां से स्थानीय विधायक भी हैं, जिन्होंने भाजपा सरकार के चार सालों में इस गांव की तरफ एक बार भी विकास के लिए कुछ नहीं किया। हालांकि राज्य सरकार के विकास कार्यों के मुताबिक भले ही विकास को युद्ध स्तर पर पूरा किया जा रहा हो, लेकिन राज्य का ये चिलाटी गांव आज भी जरा से विकास की बांट जोह रहा है। इस दौरे के दौरान राज ठाकरे ने ग्रामीण वासियों को भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में उनके गांव को भी विकास के साथ मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
Published on:
20 Oct 2018 07:00 pm
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