Mumbai Chaturmas : तेरापंथ महिला मंडल मुंबई का 38वां अधिवेशन साध्वी अणिमाश्री ने कहा कि किसी भी सफलता को पाने में सबसे बड़ा सहयोग परिवार का होता है साध्वी मंगलप्रज्ञा ने कहा कि व्यक्ति जब कार्य करता है किसी संगठन के साथ तब संगठन के साथ एक ऊर्जावान व्यक्तित्व की शक्ति जुड़ जाती है, तो वह सबकुछ भूलकर संगठन को मजबूत करने में जुट जाता है
मुंबई. श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ महिला मंडल मुंबई का 38वां अधिवेशन जयघोष-स्वर्णिम सफर का आचार्य महाश्रमण की शिष्या साध्वी अणिमाश्री, साध्वी मंगलप्रज्ञा व साध्वीवृन्द के सानिध्य में ठाणे तेरापंथ भवन में आयोजित हुआ। अधिवेशन चेम्बूर महिला मण्डल, संगीता ताराचंद गन्ना, सुनीता श्रेणिक गेलड़ा की मौजूदगी मेें हुआ। मुख्य अतिथि अभातेमम की राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमुदजी कच्छारा मौजूद रहीं।
साध्वी अणिमाश्री ने कहा कि किसी भी सफलता को पाने में सबसे बड़ा सहयोग परिवार का होता है, सिर्फ कर्तृत्व और विजन से काम नहीं होता, परिवार ने अपनी बड़ी से बड़ी इच्छा एवं समझौता समर्पण किया होगा तब यह ऊंचाई प्राप्त होती है। साध्वी ने कहा, जैसी सोच जैसा विजन होगा वैसा ही प्रभाव होगा। 2023 की उजली भोर का इंतजार है, अब आने वाले अध्यक्ष को 2023 को ध्यान में रखते हुए तैयारी करनी है। साध्वी मंगलप्रज्ञा ने अपने प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि व्यक्ति जब कार्य करता है किसी संगठन के साथ तब संगठन के साथ एक ऊर्जावान व्यक्तित्व की शक्ति जुड़ जाती है, तो वह सबकुछ भूलकर संगठन को मजबूत करने में जुट जाता है।