
बीएमसी ने खराब प्लानिंग, बिना टेंडर के सौंपे काम: CAG
BMC Election: मुंबई महानगरपालिका (Mumbai Municipal Election) के चुनाव से संबंधित मामले पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन शीर्ष कोर्ट से कोई नया आदेश नहीं आया और एक बार फिर इस मामले की सुनवाई की तारीख टल गई हैं। इस वजह से बीएमसी चुनाव को लेकर सस्पेंस बरकरार है।
कोविड-19 के समय से ही सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि राज्य में नगर निकाय चुनाव कब होंगे। लेकिन, अब सुप्रीम कोर्ट में नगरपालिका चुनावों के भाग्य का फैसला करने वाली सुनवाई में तीन सप्ताह की देरी हुई है। लेकिन अब मामले की सुनवाई की तारीख फिर से आगे बढ़ने से नगर निकाय चुनाव की तारीखों के फैसले में एक बार फिर से देरी होगी। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र: चिंचवड और कस्बा पेठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, 27 फरवरी को मतदान और 2 मार्च को मतगणना
बीएमसी समेत राज्य के कई नगर निगमों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। अब प्रशासकों का छह माह का कार्यकाल भी पूरा हो गया है। इसलिए आज की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सबका ध्यान था। यह मामला मंगलवार को भी सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध था लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद बुधवार को इस मामले को सूचीबद्ध किया गया था। लेकिन इस बार कोर्ट ने सुनवाई तीन हफ्ते के लिए टाल दी गई।
ओबीसी आरक्षण को लेकर महाधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस संबंध में कुछ कठिनाइयां हैं। इस वजह से अभी चुनाव कराना उचित नहीं होगा। जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई को तीन सप्ताह के लिए स्थगित करते हुए निर्देश दिया कि अगली तारीख तक अंतरिम आदेश यथावत रहेगा। अब सुनवाई फरवरी के पहले सप्ताह में होने की उम्मीद है।
पिछले साल महाराष्ट्र में निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए सीटों के आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। स्थानीय निकायों के चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई 2022 को अपना फैसला सुनाया था। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी के राजनीतिक आरक्षण की अनुमति दी थी। लेकिन उसके बाद 92 नगर परिषदों का मामला कोर्ट में लंबित था। इसके बाद सत्ता में आई शिंदे सरकार ने महाविकास अघाड़ी सरकार (MVA) द्वारा स्थानीय निकायों में वार्डों और सदस्यों की संख्या बढ़ाने के फैसले को पलट दिया। इसके खिलाफ भी कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
गौरतलब है कि पिछले साल बृहन्मुंबई नगर निगम का कार्यकाल समाप्त होने से पहले शिवसेना मुंबई नगर निकाय में दो दशक से अधिक समय तक सत्ता में रही थी। बीजेपी ने निकाय चुनावों में प्रतिद्वंद्वी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट को सत्ता से बेदखल करने के लिए नगर निकाय पर अपनी निगाहें टिका रखी हैं, जिसके चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अभी नहीं हुई है।
Published on:
18 Jan 2023 08:17 pm
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