मुंबई पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त स्तर के 28 ऑफिसरों का तबादला किया गया है। जिन्हें महाविकास आघाड़ी सरकार में साइड पोस्टिंग दी गई थी, उन्हें मुंबई वापस लाया गया है। इनमें से कुछ ऑफिसर पर गंभीर आरोप हैं।
मुंबई पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त स्तर के 28 ऑफिसरों का तबादला किया गया है। इन डिप्टी कमिश्नरों का ट्रांसफर करके उन ऑफिसरों को मुंबई में वापस लाया गया है जिन्हें महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान साइड पोस्टिंग में भेज दिया गया था। इनमें से कुछ ऑफिसर मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के साथ काम कर चुके हैं। 28 डीसीपी के ट्रांसफर के अलावा जो अधिकारी नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे, उन्हें नियुक्ति के लिए पहले तय की गई जगहों से अलग जगहों पर भेजा गया है।
ट्रांसफर के ये आदेश मुंबई पुलिस कमिश्नर विवेक फणसलकर की तरफ से दिए गए हैं। इस आदेश के तहत जिन पर उद्धव सरकार के समय वसूली के आरोप लगे थे, उन्हें भी नियुक्ति दी गई है। ऐसे ही एक अधिकारी अकबर पठान को नासिक से मुंबई सर्किल 3 में लाया गया है। यह भी पढ़े: Mumbai News: सिगरेट नहीं देने पर दोस्त ने दोस्त को उतारा मौत के घाट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुली पोल
बता दें कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को जब उनके पद से हटाया गया तब उनके खिलाफ मुंबई और ठाणे के विभिन्न पुलिस स्टेशन में वसूली के मामला दर्ज किए गए थे। इस वसूली के मामले में डीसीपी पराग मणेरे, अकबर पठान और दीपक देवराज जैसे अधिकारियों का भी नाम था।
उद्धव सरकार ने इन तीनों ही ऑफिसरों को मुंबई से बाहर साइड पोस्टिंग दी थी। पराग मणेरे को तो सस्पेंड कर दिया गया था। उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। इसके बाद ये तीनों अधिकारी एकदम शांत हो गए थे। इनकी कहीं कोई चर्चा नहीं थी। अब एक बार फिर शिंदे-फडणवीस सरकार द्वारा इन अधिकारियों को ताकत दी जा रही है।
बता दें कि दिग्गज ऑफिसर रश्मि शुक्ला को क्लीन चिट दे दिया गया हैं। इसके बाद अब मणेरे, पठान और देवराज जैसे ऑफिसरों को बढ़िया पोस्टिंग देने का काम किया जा रहा है। यह एक तरह से कर्तव्यनिष्ठ ऑफिसरों के साथ अन्याय माना जा रहा है। हफ्ते भर पहले एक चैनल के इंटरव्यू में डिप्टी सीएम और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि मुंबई पुलिस की प्रतिष्ठा गलत वजहों से और राजनीतिक उपयोग की वजह से धूमिल हो गई थी, उन्हें वापस लाने का प्रयास जारी हैं।