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मुंबई में कोरोना महामारी की वजह से करीब 30 प्रतिशत रेस्टोरेंट ने प्रबंधन में बदलाव देखने को मिला है, क्योंकि मालिकों ने अपने व्यवसाय को बनाए रखने में असमर्थता जताई है। मुंबई में जहां करीब 20 हजार रेस्टोरेंट हैं, वहीं मुंबई महानगर क्षेत्र में लगभग 30 हजार से अधिक रेस्टोरेंट हैं। मुंबई स्थित रेस्टोरेंट के शीर्ष निकाय इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (एएचएआर) का दावा है कि मुंबई के करीब 30 प्रतिशत से अधिक होटलों ने प्रबंधन में बदलाव नजर आया है।इसने यह भी कहा कि लॉकडाउन के दौरान करीब 3,000 रेस्टोरेंट बंद थे।
एएचएआर के अध्यक्ष शिवानंद शेट्टी ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान और बाद में कई रेस्टोरेंट बेच दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन और कोरोना वायरस के प्रकोप के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से हुए नुकसान ने कई लोगों को अपना व्यवसाय बेच दिया है। नए खिलाड़ियों ने रेस्टोरेंट सेवा क्षेत्र में एंट्री किया है। यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र ATS ने झारखंड के 15 लाख के इनामी माओवादी को दबोचा, नालासोपारा से हुई गिरफ्तारी
बता दें कि रेस्टोरेंट मालिकों ने यह कहते हुए कि होटल और रेस्टोरेंट उद्योग रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं, शेट्टी ने कहा कि अकेले रेस्टोरेंट राज्य भर में 60 लाख लोगों को रोजगार देते हैं। उन्होंने बताया कि यह करीब 2 करोड़ अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा करता है।
एएचएआर के अध्यक्ष शिवानंद शेट्टी ने कहा कि हालांकि, कोरोना महामारी के दौरान रेस्टोरेंट मालिकों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, क्योंकि व्यवसाय पूरी तरह से या न्यूनतम रूप से चालू थे। वेतन, बिजली और पानी के बिलों के साथ-साथ करों का भुगतान करना। यह रेस्टोरेंट मालिकों पर एक्स्ट्रा बोझ था। इसने मालिकों को व्यवसाय जारी रखने के लिए फर्नीचर और रसोई के सामान बेचने के लिए मजबूर किया। आखिरकार, खर्च वहन करने में पूरी तरफ समर्थ नहीं हो पाना, कई ने अपने रेस्टोरेंट नए और मौजूदा मालिकों को बेच दिए।
Published on:
18 Sept 2022 03:39 pm
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