मुंबई में छठ पूजा का आयोजन बड़े ही धूम धाम से किया जाता हैं। ऐसे में इस साल 30 और 31 अक्टूबर को छठ पूजा हैं। इस बीच एनसीपी कॉरपोरेटर ने आरोप लगाया था कि बीएमसी ने पहले उन्हें मुंबई के घाटकोपर इलाके में छठ पूजा के आयोजन की इजाजत दी थी, लेकिन बीजेपी के दबाव के बाद उनको दिया गया परमिशन खारिज कर दिया गया।
मुंबई में छठ पूजा का आयोजन बड़े ही धूम धाम से किया जाता हैं। ऐसे में इस साल 30 और 31 अक्टूबर को छठ पूजा हैं। इस बीच छठ पूजा आयोजन को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट से बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है। मुंबई के घाटकोपर इलाके में छठ पूजा आयोजन को लेकर एनसीपी को कोर्ट से अनुमति मिल गई है। घाटकोपर के आचार्य अत्रे मैदान पर छठ पूजा के आयोजन को लेकर एनसीपी की नगरसेविका राखी जाधव ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रूख किया था। राखी जाधव का कथित आरोप है कि बीएमसी ने पहले उन्हें पहले अनुमति दी थी, लेकिन बीजेपी के दवाब के बाद उनका परमिशन खारिज कर दिया गया। बाद में बीजेपी समर्थित अटक समाजिक सांस्कृतिक प्रतिष्ठान को इजाजत दे दिया गया था।
वहीं, आज बॉम्बे हाईकोर्ट कोर्ट ने बीएमसी के पहले परमिशन को बरकरार रखा हैं। अब एनपीपी नगरसेविका 30 और 31 अक्टूबर को मुंबई के घाटकोपर इलाके में आचार्य अत्रे मैदान पर छठ पूजा का आयोजन कर पाएंगी।यह भी पढ़े: Maharashtra News: सोलापुर में किसानों का प्रदर्शन, ट्रैक्टर के पहियों की निकाली हवा; गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग
बता दें मुंबई के घाटकोपर पूर्व के आचार्य अत्रे मैदान पर हर साल एनसीपी की तरफ से छठ पूजा का आयोजन किया जाता है। इस बार भी एनसीपी की नगरसेविका राखी जाधव ने बीएमसी से इस मैदान में छठ पूजा के आयोजन के लिए अनुमति मांगी थी। उन्हें बीएमसी ने इजाजत भी दे दी थी। लेकिन इसके बाद अटक सामाजिक सांस्कृतिक प्रतिष्ठान की तरफ से भी अनुमति की मांग की गई। इसके बाद बीएमसी ने एनसीपी को इजाजत देने से इंकार कर दिया।
एनसीपी की नगरसेविका राखी जाधव का आरोप है कि बीएमसी आयुक्त पर बीजेपी की तरफ से दबाव डाला गया, जिसकी वजह से बीएमसी ने उन्हें इजाजत देने से इंकार कर दिया। इसके बाद राखी जाधव ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनसीपी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीएमसी के पहले वाले परमिशन को बरकरार रखा। इसका मतलब अब एनसीपी मुंबई के घाटकोपर पूर्व के आचार्य अत्रे मैदान में छठ पूजा का आयोजन कर पाएगी।
बता दें कि इससे पहले मुंबई के शिवाजी पार्क में दशहरा रैली के लिए भी उद्धव ठाकरे और शिंदे गुट में संघर्ष देखने को मिला था। शिवाजी पार्क में दशहर रैली की इजाजत पहले ठाकरे खेमे ने मांगा था। इसके बाद शिंदे गुट भी शिवाजी पार्क में ही दशहरा रैली के लिए अनुमति लेने गया। बीएमसी ने दोनों गुटों को अनुमति नहीं दी। इसके बाद ठाकरे गुट बॉम्बे हाईकोर्ट चला गया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ आखिर में ठाकरे गुट को शिवाजी पार्क में रैली की इजाजत दे दी। इसके बाद शिंदे गुट ने फिर बीकेसी में अपनी दशहरा रैली का आयोजन किया।