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Mumbai News: जानें क्या है RPF का ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’, इस मिशन के तहत 400 से ज्यादा बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया

आरपीएफ ने “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत साल 2022 में अपने परिवार से बिछड़े 487 बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने बताया कि यह बच्चे कभी अपने परिवार से नाराज होकर घर से भागे तो कुछ बॉलीवुड की चमक की वजह से मुंबई की तरफ निकल पड़े।

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RPF

वेस्टर्न रेलवे आरपीएफ ने पिछले कुछ समय में काफी शानदार काम किए है। आरपीएफ ने “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत साल 2022 में अपने परिवार से बिछड़े 487 बच्चों को उनके परिवार वालों से मिलवाया है। वेस्टर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने बताया कि यह बच्चे कभी अपने परिजन से नाराज होकर घर से भाग गए, तो कुछ बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए मुंबई की तरफ निकल पड़े। लेकिन आरपीएफ और रेलवे के फ्रंट लाईन वर्कर्स ने इन मासूमों को काउंसलिंग कर इनके परिजनों से मिलवाया दिया है।

पिछले 7 महीनों में मुंबई मंडल से 181 मामले सामने आए है, जिसमें रतलाम मंडल से 102, अहमदाबाद मंडल से 80, वडोदरा मंडल से 63, राजकोट मंडल से 52 और भावनगर मंडल से 09 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। पिछले साल वेस्टर्न रेलवे के आरपीएफ ने जीआरपी और अन्य फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों के सहयोग से लगभग 600 बच्चों को बचाया था। यह भी पढ़ें: Maharashtra Politics: 25 साल तक आप चुप क्यों रहे? आनंद दिघे के भतीजे केदार दिघे ने सीएम एकनाथ शिंदे पर लगाया बड़ा आरोप

इसके साथ ही ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को स्पेशली महिलाओं और बच्चों की देखभाल और सुरक्षा की जरूरत पड़ने पर मदद और बचाव भी प्रदान करता है। ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत अपने घरों से भागे हुए 487 बच्चों को, जिसमें 313 लड़के और 174 लड़कियां को उनके परिवारों के साथ फिर से मिलाया गया। इनमें से अधिकांश छोटे बच्चों ने घरेलू झगड़े या बेहतर जीवन और ग्लैमर की तलाश में अपने परिवार के सदस्यों को बिना बताए घर छोड़ दिया था।

क्या है नन्हे फरिश्ते ऑपरेशन: बता दें कि ये बच्चे प्लेटफॉर्म पर या स्टेशन परिसर में या कभी-कभी ट्रेनों में घूमते पाए गए थे। 8 जुलाई को नालासोपारा स्टेशन पर एक 10 साल का छोटा बच्चा प्लेटफॉर्म पर घूमता दिखाई दिया। इसके बाद आरपीएफ स्टॉफ की पूछताछ में बच्चे ने अपना नाम आशीष दुबे बताया। आशीष घर में बिना बताए घर से बाहर निकल कर नालासोपारा स्टेशन पर आ गया था। ऐसे में आरपीएफ स्टॉफ ने मां बाप को घटना की जानकारी दी, और जांच पड़ताल के बाद बच्चे को सही सलामत परिजनों को सौंप दिया। ऐसे में दूसरा मामला 21 जुलाई को सामने आया था। जहां एक 16 साल की लड़की आरपीएफ महिला स्टॉफ को रोते हुए मिली थी। पूछताछ के बाद पता चला कि वह यूपी के आंबेडकर नगर जिले से है। उसे लखनऊ की ट्रेन में पकड़नी थी, पर गलती से वह मुंबई पहुंच गई।