
KEM Hospital
मुंबई के मशहूर हॉस्पिटल में भीड़ को संभालने के लिए एमबीए डिग्री होल्डर्स को रखे जाने की कवायद हो रही है। इसको लेकर परेल के केईएम हॉस्पिटल में योजना तैयार की जा रही है। इस योजना के मुताबिक एमबीए डिग्री होल्डर्स मरीजों और तीमारदारों को भर्ती से लेकर छुट्टी हो जाने के तक के बीच बेहतर संवाद स्थापित करेंगे। एक अनुमानित आंकड़े के मुताबिक बीएमसी संचालित हॉस्पिटल की ओपीडी में रोजाना लगभग 5 हजार के करीब मरीज और इतने ही तीमारदार आते हैं।
इसके साथ ही दिए गए समय के मुताबिक, करीब 2000 बेड्स पर हमेशा मरीजों की आवाजाही बनी रहती है। हॉस्पिटल के मुताबिक, यह हमारे लिए एक बेहतर प्रयोग साबित हो सकता है, जिसके लिए हम लगातार कोशिश कर रहे हैं। हॉस्पिटल की डीन डॉ संगीता रावत ने बताया कि हम जिन सर्विस मैनेजर्स को भर्ती करने जा रहे हैं। उन्हें एमबीए डिग्री होल्डर होना जरूरी हैं। यह डिग्री होल्डर्स हॉस्पिटल में नए मरीजों की भर्ती से लेकर छुट्टी होने तक इमरजेंसी रूम से मदद करेंगे। यह भी पढ़े: Maharastra News: अमृता फडणवीस ने ठुकराया ट्रैफिक क्लीयरेंस व्हीकल, कहा- आम मुंबईकरों सी जिंदगी है पसंद
बता दें कि केईएम हॉस्पिटल के माध्यम से भीड़ को काबू करने के लिए एमबीए डिग्री होल्डर्स की तैनाती का प्रयोग एक पायलट प्रोजेक्ट है। कहा जा रहा है कि यह अगर सफल रहा तो बीएमसी संचालित अन्य देखभाल हॉस्पिटलों में भी इसे लागू कर लिया जाएगा। हॉस्पिटल की डीन डॉ संगीता रावत ने कहा कि हम जल्द ही आठ सेवा प्रबंधकों के लिए विज्ञापन निकालेंगे।
ये होनी चाहिए काबिलियत: सेवा प्रबंधकों के लिए विज्ञापन में कहा गया है कि कैंडिडेट्स की आयु 18 से 38 के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से पूर्णकालिक एमबीए (स्वास्थ्य प्रबंधन) की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही उसे तीन-शिफ्ट प्रणाली में काम करने के लिए भी पूरी तरह से तैयार होना चाहिए। इसके लिए छह महीने का अनुबंध होगा जिसका वेतन 40 हजार रुपए प्रति महीना होगा।
केईएम हॉस्पिटल के इमरजेंसी और सर्जरी रूम को लेकर कहा जाता है कि यह सबसे ज्यादा व्यस्त रहते हैं। डॉक्टर रावत ने बताया कि जब से मैंने 11 महीने पहले डीन के रूप में कार्यभार संभाला है। तबसे सबसे ज्यादा शिकायत इस बात को लेकर आ रही है कि मरीजों को इमरजेंसी रूम में लंबे समय तक वेट करने के बाद भी भर्ती नहीं किया जाता है। ऐसी शिकायतें अक्सर चिकित्सा स्टाफ और मरीजों के बीच संचार की कमी की वजह से पैदा होती हैं। डीन ने कहा कि सेवा प्रबंधकों के आवेदन 10 नवंबर तक खुले हैं और पूरी उम्मीद है कि ये प्रबंधक दिसंबर तक काम शुरू कर देंगे।
Updated on:
02 Nov 2022 10:30 pm
Published on:
02 Nov 2022 10:29 pm
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