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Mumbai News: महिला ने लगाया सामूहिक बलात्कार का झूठा आरोप, पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थी, जानें पूरा मामला

मुंबई में सामूहिक बलात्कार का एक फर्जी मामला सामने आया है। इस मामले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला के मोबाइल फोन की जांच से पता चला कि जिस समय का उसने उल्लेख किया था कि उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया था, उस समय वह लगातार डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक व्हाट्सएप पर ऑनलाइन थी और किसी से बात कर रही थी।

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मुंबई में सामूहिक बलात्कार का एक फर्जी मामला सामने आया है। कुछ दिन पहले मुंबई के धारावी सामूहिक बलात्कार के मामले में पुलिस ने शुरु में गिरफ्तार किए दो नाबालिग लड़कों को सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया था। अब पुलिस के मुताबिक, इस मामले में आरोप लगाने वाली महिला ने झूठ बोला था और एक कहानी तैयार की थी क्योंकि महिला अपनी शादी से खुश नहीं है।

इस मामले की जांच करने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच से पता चला है कि जिस समय का महिला ने उल्लेख किया था कि उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था, उस समय वह लगातार डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक व्हाट्सएप पर ऑनलाइन थी और किसी से बात कर रही थी। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: सुसाइड के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे, NCRB की रिपोर्ट में हुआ शॉकिंग खुलासा

बता दें कि इस मामले में पुलिस ने बताया है कि एक 20 साल की नवविवाहित महिला ने इस साल मई में एक शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उसने आरोप लगाया गया था कि जब उसके पति और ससुर काम पर चले गए थे और वह धारावी में अपने चॉल के मेजेनाइन फ्लोर पर अकेली थी तो दो अज्ञात शख्स घर में घूस गए, घर में घुसने के बाद उसके हाथ बांध दिए और चाकू की नोंक पर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि, दोनों में से एक ने इस कृत्य को फिल्माया था। महिला की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज की थी और सबूत के लिए सीसीटीवी कैमरों को संघाला था।

इस मामले में पुलिस ने 16 मई को दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश करने का दावा किया था। बाद में, लड़कों के पिता, एक सामाजिक कार्यकर्ता वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिले और दावा किया कि दोनों लड़के निर्दोष थे। मामले की पूछताछ के समय यह पता चला कि दोनों सीसीटीवी कैमरों में कैद धारावी गए थे, लेकिन दोनों बिज़नेस के मकसद से वहा गए थे। महिला की मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी।

मामले में एबी समरी रिपोर्ट दायर करते हुए पुलिस ने बताया कि पीड़ित ने सीसीटीवी फुटेज में उनकी पहचान की थी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों लड़कों को गिरफ्तार किया था, लेकिन जांच के बाद पता चला है कि महिला ने झूठ बोला था। पुलिस ने आगे कहा कि हमने सारे सीसीटीवी फुटेज चेक किए हैं, और करीब 17-18 लोगों से पूछताछ की है, लेकिन कुछ नहीं मिला। अब हम एबी समरी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया में हैं। बता दें कि, एबी समरी रिपोर्ट तब दायर की जाती है जब पुलिस को आरोप पत्र दायर करने के लिए कोई प्रूफ नहीं मिलता है।