Mumbai Oshiwara News: मुंबई के अंधेरी की रहने वाली महिला ने एक न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर की जानकारी लेने के लिए 23 जनवरी को जोगेश्वरी के रूबी हॉस्पिटल (Ruby Hospital Jogeshwari) का नंबर गूगल (Google) पर खोजा था।
Mumbai Online Fraud: मुंबई में 52 साल की एक महिला से ऑनलाइन ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने मुंबई के एक अस्पताल का नंबर ऑनलाइन (Mumbai Hospital) खोजा था, जब उसने उस पर कॉल किया तो वह ठगी की शिकार बन गई। आरोप है कि साइबर अपराधी ने महिला को एक लाख रुपये की चपत लगाई। ओशिवारा पुलिस (Oshiwara) ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने बताया, अंधेरी (पश्चिम) की रहने वाली उमैमा शेख (Umaimah Shaikh) ने एक न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर की जानकारी लेने के लिए 23 जनवरी को जोगेश्वरी के रूबी हॉस्पिटल (Ruby Hospital Jogeshwari) का नंबर गूगल (Google) पर खोजा। उसे ऑनलाइन एक नंबर मिला, जब उसने उस नंबर पर कॉल किया तो वह अस्पताल का नहीं बल्कि ठग का नंबर था। हालांकि महिला इस बात से अनजान थी। दरअसल जिस डॉक्टर की जानकारी महिला चाहती थी वह रूबी हॉस्पिटल में प्रैक्टिस करते है। यह भी पढ़े-मुंबई में रिश्तों का कत्ल, भाइयों-भाभियों ने मिलकर शख्स को लात-घूंसों से पीटा, हुई मौत
पीड़ित महिला ने बताया कि जब उसने नंबर पर कॉल किया तो एक शख्स ने फोन उठाया और खुद की पहचान हॉस्पिटल के स्टाफ के तौर पर बताई। ठग ने महिला से कहा कि उसे संबंधित डॉक्टर का अपॉइंटमेंट ऑनलाइन बुक करना होगा। उसने महिला को उसके व्हाट्सएप नंबर पर एक लिंक भेजा। साथ ही उसने महिला से कहा कि अपॉइंटमेंट लेने के लिए उसे 10 रुपये का ऑनलाइन भुगतान भी करना होगा। जिसके बाद शेख ने लिंक पर क्लीक कर सारी डिटेल्स भरकर ऑनलाइन भुगतान किया।
हालांकि, जब वह अस्पताल गई, तो उन्हें बताया गया कि उनके पास ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट के लिए ऐसी कोई व्यवस्था ही नहीं है। इसके बाद महिला को गड़बड़ी का अंदेशा हुआ और वह सीधे बैंक गई। जहां पता चला कि उसके खाते से कोई संदिग्ध लेन-देन नहीं किया गया था।
हालाँकि, 17 फरवरी को महिला को 99,999 रुपये के लेनदेन के बारे में बैंक से दो मैसेज मिले. जिसे देखकर उसके होश उड़ गए। महिला ने पाया कि उसके जिस बैंक खाते का उपयोग ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेने के लिए किया था, उसके डिटेल्स का इस्तेमाल कर आरोपी ने ठगी की है।
इसके बाद शेख फिर बैंक गईं और अपना खाता बंद करवा दिया। फिर ओशिवारा थाने में मामला दर्ज कराया। ओशिवारा पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि साइबर जालसाज अक्सर गूगल लिस्टिंग पर नंबर बदलते हैं क्योंकि सर्च इंजन ऑनलाइन ही प्रतिष्ठानों की जानकारी एडिट करने की सुविधा प्रदान करता है। जिसका फायदा साइबर जालसाज उठाते है और संबंधित प्रतिष्ठान की जगह अपना नंबर डाल देते है।