
Sukali village School
महाराष्ट्र के नागपुर जिले के सुकाली गांव के एक स्कूल की सूरत दो एनजीओ ने मिलकर बदल दी। नागपुर जिले में एक जर्जर ग्राम स्कूल को युवा पेशेवरों और व्यापारियों की कोशिश से आधुनिक रूप में बदल दिया गया है। इस बारे में एक अधिकारी ने बताया कि जब दो गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को हिंगना तालुका के सुकाली गांव में नागपुर जिला परिषद के प्राइमरी स्कूल की जर्जर दशा के बारे में पता चला, तो उसे नया रूप दिया गया।
अधिकारी ने बताया कि तीन गांवों के पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं के करीब 200 बच्चों को पढ़ाई-लिखाई की सुविधा प्रदान करने वाले इस स्कूल में सिर्फ दो कमरे थे और इन बच्चों के लिए महज शौचालय था और वह भी बंद पड़ा था। ऐसे में ‘नागपुर राउंड टेबल-83’ (एनआरटी-83) और ‘ब्रिज द गैप फाउंडेशन’ ने इस स्कूल को यथासंभव सर्वश्रेष्ठ बुनियादी ढांचे और आधुनिक सुविधाएं देने के बारे में विचार किया। यह भी पढ़े: Pune News: बस में लूटपाट करने वाले गैंग को पुलिस ने दबोचा, त्योहार के समय लोगों को लूटने की रच रहा था साजिश
बता दें कि इस साल जनवरी में इन दोनों एनजीओ नेस्कूल का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुननिर्माण करने का फैसला किया और कानूनी औपचरिकताएं पूरी करने के बाद अगले ही महीने निर्माण काम शुरू कर दिया। इस स्कूल के निर्माण का पहला चरण पूरा हो गया है और इस महीने की 8 तारीख को स्कूल के नए भवन का उद्घाटन भी कर दिया गया।
40 लाख में बदली स्कूल की सूरत: एनआरटी-83 के प्रेजिडेंट अभय अग्रवाल ने बताया कि हमारे लिए, बस एक शौचालय और दो कमरे वाले इस स्कूल का रूप-देखा बदलना बड़ी जिम्मेदारी थी। पहले चरण में हमने तीन और कमरों का निर्माण किया। एक कमरे को कंप्यूटर लैब बनाया गया है और उसमें प्रोजेक्टर भी लगवाया गया है। स्कूल में लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाया गया हैं। यह स्कूल भवन लगभग 40 लाख रुपए में बना है और यह धनराशि कॉरपोरेट और व्यक्तिगत चंदे से जुटाई गई है।
Published on:
23 Oct 2022 09:21 pm
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