
वाशी के मनपा अस्पताल की लापरवाही फिर आई सामने
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नवी मुंबई: वाशी स्थित मनपा अस्पताल में भर्ती मरीज का डायलिसिस नही किए जाने की वजह से रविवार को उसकी मौत हो गई। पिछले तीन-चार दिनों से डायलिसिस करने के लिए मरीज व उसकी पत्नी डॉक्टरों से गिड़गिड़ाते रहे लेकिन डॉक्टर उसकी एक न सुनी और अब हवाला यह दिया जा रहा है कि मरीज का कोरोना स्वैब टेस्ट के लिए भेजा गया था और रिपोर्ट आने तक इंतजार किया जा रहा था। वाशी का यह मनपा अस्पताल वैसे भी हमेशा विवादों की सुर्खियां बटोरता रहा है लेकिन अब तो मरीजों से भेदभाव भी किया जाने लगा है।
तुर्भे स्टोर्स में रहने वाले 35 वर्षीय उपेंद्र तिवारी का पिछले कुछ महीनों से वाशी के मनपा अस्पताल में डायलिसिस किया जा रहा था। हप्ते में दो बार डायलिसिस किया जाता था लेकिन पिछले तीन-चार दिनों से उपेंद्र की तबियत ज्यादा खराब होने से मरीज और उसकी पत्नी डायलिसिस के लिए डॉक्टरों के सामने गिड़गिड़ाते रहे लेकिन इसका उन पर कोई खास असर नही पड़ा, इतना तक कि अस्पताल के वैद्यकीय अधीक्षक प्रशांत जवादे से जान बचाने की गुहार लगाई गई लेकिन उन्होंने भी कोई तवज्जो नहीं दिया। आखिरकार रविवार को उपेंद्र तिवारी डायलिसिस के इंतजार में दम तोड़ दिया। मृतक की पत्नी डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रही है। बताया जा रहा है कि हॉस्पिटल में सामान्य लोगों के लिए डायलिसिस मशीन अलग है और कोरोना रोगियों के लिए अलग ब्यवस्था बनाई गई है, फिर उपेंद्र का डायलिसिस क्यों नही किया गया इस तरह का सवाल उठाया जा रहा है। इस संदर्भ में अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत जवादे से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नही किया जबकि हॉस्पिटल के एक कर्मचारी ने बताया कि उपेंद्र का डायलिसिस किया जा रहा था लेकिन इस समय कोरोना की वजह से आने-जाने वाले सभी मरीजों का पहले कोरोना टेस्ट किया जाता है और यही कारण है कि उपेंद्र का भी स्वैब टेस्ट जांच के लिए भेजा गया था रिपोर्ट आने तक इंतजार किया जा रहा था कि मरीज की मौत हो गई। फिलहाल वाशी के मनपा अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने के कई गंभीर आरोप इससे पहले लग चुके हैं फिर भी कोई सुधार नही हो रहा है।
Updated on:
18 May 2020, 1:36 AM IST
Published on:
18 May 2020, 1:36 AM IST
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