
जितेंद्र आव्हाड का भगवान राम पर विवादित बयान
FIR on Jitendra Awhad: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के उद्घाटन में अब केवल दो सप्ताह ही बचे हैं। 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां जोरों पर है। पीएम मोदी इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस बीच राम मंदिर को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गयी है। विवादित बयान भी सामने आये है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के बड़े नेता जितेंद्र आव्हाड ने भगवान राम के खानपान पर बुधवार को विवादित टिप्पणी की। शरद पवार गुट की एनसीपी के दो दिवसीय शिविर को संबोधित करते हुए आव्हाड ने श्रीराम को मांसाहारी बताया। हालांकि बवाल बढ़ने पर भगवान राम पर अपनी टिप्पणी के लिए आव्हाड ने माफी मांग ली। लेकिन अपना बयान वापस नहीं लिया। इस बीच, आव्हाड के खिलाफ राज्य के अलग-अलग शहरों में चार मामले दर्ज किए गए है। यह भी पढ़े-भगवान राम को ‘मांसाहारी’ कहने वाले NCP नेता आव्हाड पर भड़के फडणवीस, कहा- चीप पब्लिसिटी स्टंट
कहां-कहां हुई FIR?
मुंबई में पुलिस ने आव्हाड के खिलाफ दो मामले दर्ज किये जबकि ठाणे जिले में नवघर थाने में एक मामला दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार को पुणे सिटी पुलिस ने आव्हाड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
आव्हाड के खिलाफ इन धाराओं में FIR दर्ज
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पदाधिकारी गौतम रावरिया की शिकायत पर शुक्रवार को मुंबई में एमआईडीसी थाने में आव्हाड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आव्हाड के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295ए के तहत मामला दर्ज किया गया।
वहीँ, इस मामले में बीजेपी विधायक राम कदम की शिकायत पर शनिवार को मुंबई के घाटकोपर थाने में एक मामला दर्ज किया गया। जबकि ठाणे में नवघर थाने में एक स्थानीय व्यापारी की शिकायत पर मामला दर्ज की गयी। पुणे में बीजेपी की प्रदेश इकाई के प्रमुख धीरज घाटे की शिकायत पर एनसीपी (शरद पवार) नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी।
क्या है विवाद?
एनसीपी शरद पवार गुट ने अहमदनगर जिले के शिरडी में दो दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर के पहले ही दिन बुधवार को आव्हाड ने आपत्तिजनक बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि भगवान राम शाकाहारी नहीं थे। बल्कि मांसाहारी थे। उन्होंने 14 वर्ष वनवास में बिताया था। वे शाकाहारी कैसे हो सकते हैं? वह शिकार करके खाते थे। राम बहुजनों के हैं। हम राम के पदचिन्हों पर चलते हैं। जब आव्हाड मंच से बोल रहे थे तो शरद पवार और सुप्रिया सुले भी उपस्थित थीं।
सफाई में कही ये बात
गुरुवार को अहमदनगर में पत्रकारों से बात करते हुए जितेंद्र आव्हाड ने कहा, "मैं खेद व्यक्त करता हूं। मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता था।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम को लेकर उन्होंने जो बातें कही वह वाल्मीकि रामायण में लिखी है। जो 1891 में कोलकाता में छापी गई थी।
मालूम हो कि ठाणे के मुंब्रा-कलवा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कुछ महीने पहले राम नवमी और हनुमान जयंती को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
दोष साबित होने पर कितनी होगी सजा?
किसी भी धर्म या धार्मिक आस्था का अपमान कर किसी वर्ग की धार्मिक भावनाएं आहत करने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य करना आदि धारा 295ए के तहत दंडनीय अपराध है। दोष साबित होने पर तीन साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। आईपीसी की धारा 295ए एक संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-शमनीय अपराध है और पुलिस कथित रूप से पीड़ित शिकायतकर्ताओं के कहने पर देश में कहीं भी एफआईआर दर्ज कर सकती है।
Published on:
07 Jan 2024 09:03 pm
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