
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुंबई के न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर भारी अनियमितताओं के चलते प्रतिबंध लगा दिया है। आरबीआई ने जमाकर्ताओं के पैसे निकालने पर भी रोक लगा दिया है, जिस वजह से खाताधारकों में हड़कंप मचा हुआ है। इस अचानक उठाए गए कदम से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार सुबह से ही परेशान लोग न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक की विभिन्न शाखाओं के बाहर लाइन लगाकर खड़े है। शाखाओं के बाहर भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस की भी तैनाती की गई है।
जानकारी के मुताबिक, को-ऑपरेटिव बैंक पर यह बैन गुरुवार को बैंक का कारोबार बंद होने के साथ ही अगले 6 महीनों के लिए लागू हो चुका है। शीर्ष बैंक का कहना है कि यह प्रतिबंध बैंक की आर्थिक स्थिति में सुधार होने तक लागू रहेंगे। हालांकि आरबीआई ने कुछ शर्तों के तहत ग्राहकों को सीमित धनराशि निकालने की अनुमति दी है, लेकिन ग्राहकों का कहना है कि यह राशि काफी नहीं है।
मुंबई में न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक की एक ब्रांच के बाहर मौजूद ग्राहक ने बताया, आज सुबह 9:20 बजे आरबीआई की कार्रवाई के बारे में मैसेज आया, जिसके बाद वह बैंक आये तो उन्हें बताया कि 90 दिनों के भीतर, जिनके पास 5 लाख तक की रकम है, उन्हें उनका पैसा वापस मिल जाएगा… लेकिन पैसे मिलना मुश्किल लग रहा है, हम पैसे बचाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, और फिर बैंक धोखाधड़ी करता है।
बैंक के बाहर लाइन में खड़े खाताधारक रमेश ने कहा, "हम सुबह से लाइन में खड़े हैं... हमें बताया गया है कि हमें अपना पैसा 2-3 महीने के बाद मिलेगा। क्या पता हमें वापस मिलेगा भी या नहीं?... बैंक ने हमें कुछ भी नहीं बताया... अब हम किसी बैंक पर कैसे भरोसा करेंगे?... इस बैंक में मेरे 40,000 रुपये जमा हैं।"
वहीं, ब्रांच के बाहर मौजूद एक महिला खाताधारक ने कहा, “हमने कल ही पैसे जमा किए, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा… उन्हें हमें बताना चाहिए था कि ऐसा होने वाला है… वे कह रहे हैं कि हमें 3 महीने के भीतर हमारा पैसा मिल जाएगा… हमें ईएमआई के पैसे देने है, अब समझ नहीं रहा कि यह सब कैसे करेंगे…”
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के एक अन्य ग्राहक अजय मोरे ने कहा, "मैं पिछले 22 सालों से इस बैंक का ग्राहक हूं। मेरा और मेरी पत्नी का अकाउंट यहीं है। अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के बैंक पर प्रतिबंध लगा दिया गया। हमारे सारे पैसे बैंक में जमा हैं, अब खर्चे के लिए कुछ भी नहीं है। हमें बताया गया कि 90 दिन तक इंतजार करना होगा, लेकिन इतने दिनों तक हम क्या करेंगे?"
वहीँ, बांद्रा स्थित न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के एक दूसरे ग्राहक ने कहा, "हम रोजमर्रा के खर्चों के लिए बैंक पर निर्भर हैं। अचानक पैसे निकालने पर रोक लगा देना बहुत गलत है। पहले ही हमें अलर्ट किया जाता तो हम अपने पैसे की सुरक्षा कर सकते थे।"
बैंक के बाहर भीड़ में खड़ी एक अन्य जमाकर्ता विद्या ने कहा, "मेरे सारे फिक्स्ड डिपॉजिट यहीं हैं। अब अचानक कहा जा रहा है कि कुछ नियमों के तहत ही पैसे निकाल सकते हैं। हमें पहले से जानकारी दी जानी चाहिए थी, ताकि हम अपनी आर्थिक स्थिति संभाल सकें।"
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहक भूपेंद्र ने कहा, "मैं 2 घंटे से लाइन में खड़ा हूं... अगर कोई आपात स्थिति हुई तो हम अपना पैसा कैसे निकालेंगे?... बैंक ने हमें बताया कि हम लॉकर से पैसे निकाल सकते हैं। बाकी को अपना पैसा वापस पाने के लिए 6 महीने तक इंतजार करना पड़ेगा।"
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "जब कोई बैंक खराब प्रदर्शन करती है तो रिजर्व बैंक इस तरह के प्रतिबंध लगायी है। अभी मेरे पास इसकी पूरी जानकारी नहीं है लेकिन मैं कहना चाहता हूं निश्चित रूप से आरबीआई ने जो कार्रवाई की है, वो सोच-समझकर की होगी।"
Published on:
14 Feb 2025 07:37 pm

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