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हेल्थ डिपार्टमेंट में भर्ती का महाघोटाला, महाराष्ट्र के कई इलाकों में फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर देकर ठगी

महाराष्ट्र के कई इलाकों से स्वास्थ्य विभाग में भर्ती का महा घोटाला सामने आया है। कई युवकों को फर्जी अपॉइनमेंट लेटर देकर ठग लिया गया हैं। स्वास्थ्य विभाग में हेल्थ वर्कर का बोगस अपॉइनमेंट लेटर देकर लोगों को ठगा गया है। नांदेड़ जिले के किनवट पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।

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Recruitment Scam In Health Department

नांदेड़ सहित महाराष्ट्र के कई इलाकों से हेल्थ डिपार्टमेंट में भर्ती का महाघोटाला सामने आया है। फर्जी अपॉइनमेंट लेटर देकर कई लोगों के साथ ठगी हुई है। नांदेड़ के एक युवक को यह समझ आते ही इस पूरे स्कैम का भंडाफोड़ हुआ। बताया जा रहा है कि इस तरह फर्जी अपॉइनमेंट लेटर देकर कई लोगों के साथ फ्रॉड हुआ है जो अब बात खुलने के बाद पता लग रही है। हेल्थ डिपार्टमेंट में हेल्थ वर्कर का फर्जी अपॉइनमेंट लेटर देकर लोगों को ठगा गया है। नांदेड़ जिले के किनवट पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।

पांच साल पहले महाराष्ट्र पब्लिस सर्विस कमीशन (MPSC) से जुड़े घोटाले का भंडाफोड़ नांदेड़ में ही हुआ था। इसके बाद अब हेल्थ डिपार्टमेंट का फेक नौकरी भर्ती घोटाला सामने आया है। नांदेड़ के किनवट तालुके में सचिन जाधव नाम के युवक को ठगा गया है। इस युवक की उम्र लगभग 34 साल है। सचिन जाधव के ठगे जाने के बाद ही इस घटना का खुलासा हुआ हैं। यह भी पढ़े: मुंबई: अपने ही घर से लाखों रुपए चुराने के लिए मजबूर हुई व्यापारी की बेटी, हैरान कर देने वाला है मामला

बता दें कि सचिन जाधव के पिता की पहचान के एक शख्स आनंदराव सोनकांबले ने अमरावती हेल्थ डिपार्टमेंट में हेल्थ वर्कर और क्लर्क की वैकेंसी होने की बात कह कर वहां अप्रोच से नौकरी लगाने का वादा करते हुए सात लाख रुपए की डिमांड की थी। इसके बाद दो भाग में पेमेंट किया गया। पहला पेमेंट 30 जुलाई 2020 में किया गया और दूसरा पेमेंट इस साल 16 अगस्त को किया गया। हफ्ते भर बाद यानी 20 अगस्त को सचिन जाधव को फोन कर यह बताया गया कि उसके रिक्रूटमेंट से जुड़ा ऑर्डर आ गया है। इसके बाद सचिन जाधव को फर्जी अपॉइनमेंट लेटर दे दिया गया।

पुलिस को मुख्य सूत्रधार की खोज: इसके बाद सचिन जाधव को बताया गया कि उसे यवतमाल जिले के दारव्हा इलाके के उप जिला हॉस्पिटल में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। लेकिन जब आरटीआई के जरिए इसकी जानकारी हासिल की गई तो पता चला कि इस तरह की नौकरी भर्ती की कोई प्रोसेस अमरावती हेल्थ डिपार्टमेंट में शुरू नहीं की गई है। इसके बाद नांदेड़ जिले के 7 से 8 और पूरे महाराष्ट्र के करीब 50 से 60 बेरोजगारों को ठगे जाने की बात सामने आई है। इस घोटाले का खुलासा होने के बाद पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस पहले ये पता लगा रही हैं कि कितने युवकों को ठगा गया है और इस पूरे रैकेट का सूत्रधार कौन है?