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रेलवे की नौकरी और 10 लाख की ग्रेच्युटी के लिए 60 साल की सास ने की बहू की हत्या

ठाणे जिले के कल्याण शहर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। 10 लाख रुपये की ग्रेच्युटी और रेलवे की नौकरी के लालच में एक सास ने अपनी ही बहू की जान ले ली।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jan 04, 2026

vijayapura chadchan murder case

25 एकड़ जमीन के लिए छह लोगों की हत्या (AI Image)

मुंबई से सटे ठाणे जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जहां 60 वर्षीय महिला ने अपने बेटे की मौत के बाद मिलने वाले पैसों (ग्रेच्युटी) और सरकारी नौकरी के विवाद में अपनी 35 वर्षीय बहू की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सास और उसके एक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।

पुल के पास मिली थी लाश

घटना की शुरुआत 1 जनवरी 2026 को हुई, जब कल्याण के वलधुनी पुल के पास पुलिस को एक अज्ञात महिला का शव मिला। महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे। महात्मा फुले चौक पुलिस ने शुरू में इसे एक दुर्घटना मानकर जांच शुरू की। लेकिन मामला तब पलट गया जब लताबाई नाथा गांगुर्डे (60) पुलिस स्टेशन पहुंची और अपनी बहू रूपाली विलास गांगुर्डे (35) के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।

पैसों और पोते की नौकरी के लिए हत्या

पूछताछ में क्राइम ब्रांच की टीम को लताबाई की बातों में विरोधाभास नजर आया। सख्ती से पूछताछ करने पर जो सच्चाई सामने आई, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। रूपाली के पति विलास रेलवे कर्मचारी थे, जिनका सितंबर 2025 में निधन हो गया था। मौत के बाद रूपाली को करीब 9 से 10 लाख रुपये की ग्रेच्युटी मिली थी। लेकिन सास लताबाई चाहती थी कि यह रकम उसे मिले।

वहीं, रेलवे के नियम के मुताबिक, विलास की जगह रूपाली को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिलनी थी और उसने इसके लिए आवेदन भी कर दिया था। लेकिन सास लताबाई चाहती थी कि रूपाली वह नौकरी न करे और उसके 15 वर्षीय पोते को वह नौकरी मिले।

पुलिस का कहना है कि जब रूपाली ने अपनी सास लताबाई की बात नहीं सुनी तो लताबाई ने अपने दोस्त जगदीश महादेव म्हात्रे (67) के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। 31 दिसंबर की रात दोनों ने रूपाली पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

दोनों ने सबूत मिटाया, शव फेंका

हत्या के बाद दोनों ने घर के खून के धब्बे साफ किए, रूपाली के खून से सने कपड़े बदले और शव को वलधुनी पुल के पास फेंक दिया। खुद को निर्दोष दिखाने के लिए सास ने अगले दिन खुद पुलिस के पास जाकर बहू की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस की कार्रवाई

महात्मा फुले चौक पुलिस और क्राइम ब्रांच ने 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया। आरोपियों ने गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन तकनीकी जांच और पूछताछ में वे टूट गए। पुलिस ने लताबाई और जगदीश म्हात्रे को हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कार्रवाई जारी है।