Trump Tower Pune : भारत में इस परियोजना के पूरा होने के बाद ट्रंप ब्रांड की उपस्थिति और भी मजबूत होगी।
Trump Tower in Pune : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रियल एस्टेट कंपनी अब पुणे में अपने पहले कमर्शियल टॉवर का निर्माण करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत पुणे शहर के कोरेगांव पार्क एनेक्सी के नॉर्थ रोड पर ट्रंप वर्ल्ड सेंटर (Trump World Center) का निर्माण किया जाएगा। ट्रंप की कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए स्थानीय लाइसेंस पार्टनर ट्रिबेका डिवेलपर्स (Tribeca Developers) और रियल एस्टेट कंपनी कुंदन स्पेसेस (Kundan Spaces) के साथ साझेदारी की है। इस परियोजना में कुल 1,700 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जो इसे भारत में ट्रंप ऑर्गनाइजेशन का पहला कमर्शियल प्रोजेक्ट बना देगा।
इस विशाल परियोजना के तहत 1.6 मिलियन वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में दो ऊंचे ग्लास टावर बनाए जाएंगे। ये भव्य टावर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इनमें से एक टावर में ट्रंप कंपनी का ऑफिस होगा, जबकि दूसरा टॉवर कॉर्पोरेट ऑफिस स्पेस के रूप में किराये पर दी जाएगी। इस टावर में जिम, कॉन्फ्रेंस हॉल, स्पोर्टस सुविधाएं, रेस्टोरेंट और शॉपिंग स्टोर्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी होंगी, जिससे यह एक प्रीमियम कमर्शियल हब के रूप में विकसित होगा।
पुणे में ट्रंप कंपनी का यह दूसरा प्रोजेक्ट है। इससे पहले, पुणे में ही कंपनी ने पंचशील रियल्टी के साथ मिलकर एक आवासीय प्रोजेक्ट शुरू किया था। भारत में ट्रंप ब्रांड की कुल चार परियोजनाएं पहले से ही मौजूद हैं, जिससे यह अमेरिका के बाहर कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है।
भारत में ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग को देखते हुए ट्रंप की कंपनी ने यह बड़ा कदम उठाया है। एक रियल एस्टेट फर्म की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत के सात प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग में 23% की वृद्धि दर्ज की गई है। यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप ऑर्गनाइजेशन इस बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत कर रही है।
इस परियोजना की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर अहम चर्चाएं हो रही हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका का दौरा किया था, जिसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का संकेत दिया था। इन व्यापारिक और राजनीतिक चर्चाओं के बीच ट्रंप ऑर्गनाइजेशन का भारत में यह निवेश एक बड़ी रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।