
केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में जेएनपीए पोर्ट (पगोटे) से चौक तक 29.219 किमी लंबे 6-लेन के हाई-स्पीड राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दी गई। यह परियोजना 4500.62 करोड़ रुपये की लागत से बिल्ड, ऑपरेट और ट्रांसफर (बीओटी) मोड पर पूरी की जाएगी।
जेएनपीए बंदरगाह (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी) पर कंटेनरों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, और इसके साथ ही नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास भी जारी है। ऐसे में इस क्षेत्र को एक मजबूत राष्ट्रीय राजमार्ग कनेक्टिविटी की जरूरत थी।
वर्तमान में पनवेल, पलास्पे फाटा, डी-पॉइंट और कलंबोली जंक्शन जैसे शहरी क्षेत्रों में भारी ट्रैफिक के कारण जेएनपीए पोर्ट से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और एनएच-48 तक पहुंचने में 2-3 घंटे तक का समय लग जाता है। यहां रोजाना 1.8 लाख वाहनों का ट्रैफिक रहता है।
2025 में जब नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होगा, तो यहां ट्रैफिक का दबाव और भी ज्यादा बढ़ जाएगा। ऐसे में इस नए ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण ट्रैफिक जाम को कम करेगा और बंदरगाह से सीधी कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
इस प्रोजेक्ट के तहत मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, एनएच-48 और एनएच-66 (मुंबई-गोवा हाईवे) को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, इस राजमार्ग पर सह्याद्री पर्वत श्रृंखला से होकर गुजरने वाली दो सुरंगों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे भारी कंटेनर ट्रकों और वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही और भी आसान होगी।
यह 6 लेन वाला नया हाईवे बंदरगाहों और एयरपोर्टों को जोड़ने वाले लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करेगा, जिससे माल ढुलाई अधिक सुरक्षित और कुशल हो जाएगी। इससे मुंबई और पुणे के आसपास के इलाकों में औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। यह परियोजना महाराष्ट्र के विकास, व्यापार और आर्थिक समृद्धि को एक नई दिशा देने में मददगार साबित होगी।
Updated on:
19 Mar 2025, 10:14 PM IST
Published on:
19 Mar 2025, 9:29 PM IST
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