
सीएम फडणवीस और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (Photo: IANS)
महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद तब खड़ा हो गया जब कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मैसूर के 18वीं शताब्दी के शासक टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से कर दी। इस बयान के सार्वजनिक होते ही विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। इस बीच पुणे पुलिस ने सपकाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुणे पुलिस ने महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ पुणे भाजपा नगर अध्यक्ष धीरज घाटे की शिकायत पर केस दर्ज किया है। पुणे के पार्वती पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 192, 196(1), 196(2), 352 और 356(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल की तीखी आलोचना करते हुए उनकी टिप्पणी को शर्मनाक करार दिया।
दरअसल मालेगांव महानगरपालिका की उप-महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान का तस्वीर लगाए जाने पर शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने विरोध किया था। इस पर राज्य कांग्रेस प्रमुख सपकाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बुलढाणा में पत्रकारों से बात करते हुए मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और स्वराज के विचार का जिक्र करते हुए टीपू सुल्तान के अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि यह लड़ाई शिवाजी महाराज के आदर्श की तर्ज पर थी।
सपकाल ने कहा, “टीपू सुल्तान एक योद्धा और भारत के भूमिपुत्र के रूप में उभरे थे। उन्होंने कभी भी जहरीली विचारधाराओं को नहीं अपनाया। हमें टीपू सुल्तान को वीरता के प्रतीक के रूप में शिवाजी महाराज के समकक्ष मानना चाहिए।”
सीएम फडणवीस ने कांग्रेस नेता के इस बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि उन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए। महाराष्ट्र व देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। सपकाल को छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। हजारों हिंदुओं का कत्ल करने वाले टीपू सुल्तान की तुलना मजराज से कर उसके लिए सम्मान की वकालत करना...वोटों के लालच में कितने भी जूते चाटे, महाराष्ट्र और देश इसे सहन नहीं करेगा। कांग्रेस को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और उसके सहयोगी दलों को सपकाल की टिप्पणी पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।”
बाद में हर्षवर्धन सपकाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शिवाजी महाराज की वीरता अतुलनीय है, जबकि टीपू सुल्तान वीर और स्वराज प्रेमी थे। उन्होंने लिखा, “छत्रपति शिवाजी महाराज को आदर्श मानकर ही टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।”
सपकाल ने दावा किया कि जब टीपू सुल्तान विदेशी शासकों से लड़ रहे थे, तब आरएसएस (RSS) और भाजपा (BJP) की विचारधारा पर अमल करने वाले लोग अंग्रेजों के लिए जासूसी और गुलामी कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “इसलिए देवेंद्र फडणवीस को इतिहास पढ़ाने का दिखावा नहीं करना चाहिए। महाराष्ट्र के लोग नहीं भूले हैं कि भाजपा-आरएसएस, पूर्व राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी और अन्य लोगों ने शिवाजी महाराज के खिलाफ क्या-क्या बोला और कैसे उनका अपमान किया।” उन्होंने एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, संविधान की मूल प्रति पर शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान दोनों की तस्वीरें हैं।
Updated on:
15 Feb 2026 12:55 pm
Published on:
15 Feb 2026 12:35 pm
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