8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Maharashtra: कानून तोड़ने का अधिकार सिर्फ हमें है… केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अफसरों को फटकारा

Nitin Gadkari in Nagpur: नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गढ़चिरौली और मेलघाट में सड़कों के निर्माण में काफी परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि वन विभाग के अधिकारी वहां सड़कों के निर्माण की अनुमति नहीं दे रहे थे। जिसकी वजह से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और मेलघाट के दूरदराज गांवों का विकास रुका था।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Aug 10, 2022

Nitin Gadkari again received threat call

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को फिर मिली धमकी

Nagpur News: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने मंगलवार को नागपुर में अफसरों की जमकर क्लास लगाई। इस दौरान दिया हुआ उनका एक बयान सुर्ख़ियों में आ गया है। दरअसल केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि चूंकि हम मंत्री हैं, इसलिए हमें उस कानून को तोड़ने का अधिकार है जो गरीबों के कल्याण में बाधा डालता है।

नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गढ़चिरौली और मेलघाट में सड़कों के निर्माण में काफी परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि वन विभाग के अधिकारी वहां सड़कों के निर्माण की अनुमति नहीं दे रहे थे। जिसकी वजह से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और मेलघाट के दूरदराज गांवों का विकास रुका था। यह भी पढ़े-Chandrapur: बाघ के आतंक से कांप उठा महाराष्ट्र का चंद्रपुर जिला, 23वां इंसान बना शिकार

महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंस की नागपुर शाखा ने आदिवासियों के स्वास्थ्य के लिए ब्लॉसम प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसका उद्घाटन कल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया। इस मौके पर गडकरी ने कहा कि मैं 1995 में महाराष्ट्र में मंत्री था।

उन्होंने कहा “उस समय मैंने मुंबई में कई सड़कें और पुल बनावाए थे। लेकिन गढ़चिरौली मेलघाट में सड़क निर्माण में काफी दिक्कतें आईं। यहां 2000 बच्चों की मौत कुपोषण से हो गयी थी, 450 गांवों में सड़क नहीं थी। उस समय मनोहर जोशी राज्य के मुख्यमंत्री थे। बहुत कोशिश की आयुक्त को बताया, लेकिन वन विभाग के अधिकारी सड़कों का निर्माण नहीं होने दे रहे थे, इसलिए बहुत परेशानी हुई।”

गडकरी ने आगे कहा कि वन विभाग द्वारा परेशान किए जाने के बावजूद मैंने अपने तरीके से मामले को सुलझाया। कोई भी कानून गरीबों के कल्याण में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। महात्मा गांधी ने कहा है कि गरीबों के कल्याण के लिए आड़े आने वाले कानून को अगर तोड़ना पड़े तो एक बार नहीं दस बार तोड़ा जाना चाहिए। लेकिन हमें उस कानून को तोड़ने का अधिकार है, क्योंकि हम मंत्री हैं।

नितिन गडकरी ने नौकरशाहों पर बरसते हुए आगे कहा “मैं हमेशा अधिकारियों से कहता हूं कि आप बस हां सर कहिए, हम जो कहते हैं उस पर अमल करिए। हम जैसा कहेंगे सरकार काम करेगी। इसलिए मैंने कानून तोड़ा और मेलघाट में 450 गांवों को जोड़ा।“