मुंबई

‘मल्हार सर्टिफिकेट’ क्या है? जिसे हिंदू मांस व्यापारियों के लिए BJP नेता ने किया शुरू

Maharashtra Malhar Certificate : बीजेपी नेता नितेश राणे ने ‘झटका’ और ‘हलाल’ मांस का मुद्दा उठाया। राणे ने हिंदुओं से सिर्फ मल्हार सर्टिफिकेट वाली दुकानों से ही मीट खरीदने की अपील की है।

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Mar 11, 2025

महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर जारी विवाद के बीच अब 'झटका' और 'हलाल' मीट पर सियासत गरमा गई है। दरअसल महाराष्ट्र के मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को कहा कि राज्य में अब 'झटका' और 'हलाल' मटन के लिए अलग-अलग सर्टिफिकेट मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हिंदू दुकानदारों को 'झटका' मटन का सर्टिफिकेट (Malhar Certificate) मिलेगा। ये दुकानदार सिर्फ 'झटका' मटन ही बेच सकेंगे और लोग पूरी गारंटी से इन दुकानों से मटन खरीद सकेंगे। इसी कड़ी में बीजेपी नेता ने मल्हार सर्टिफिकेशन डॉट कॉम www.malharcertification.com नाम की वेबसाइट भी शुरू की है।

मंत्री नितेश राणे ने कहा कि सिर्फ हिंदू दुकानदार 'झटका' मटन के लिए मल्हार सर्टिफिकेट बनवा सकेंगे और बेझिझक झटका 'मटन' बेच सकेंगे। आम लोग मल्हार सर्टिफिकेशन डॉट कॉम वेबसाइट पर जाकर उन दुकानों की जानकारी हासिल कर सकेंगे, जो हिंदू चलाते हैं। उन्होंने दावा किया कि मल्हार सर्टिफिकेट वाली दुकान के मीट में कोई मिलावट नहीं मिलेगी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश राणे ने 'एक्स' पर एक पोस्ट कर कहा, हमने महाराष्ट्र में हिंदू समुदाय के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मल्हार सर्टिफिकेशन डॉट कॉम का शुभारंभ किया गया है। मल्हार सर्टिफिकेशन के जरिए हिंदुओं को अपनी मटन दुकान खोलने की सुविधा मिलेगी। इसे बेचने वाला हिंदू होगा। मीट में कहीं भी कोई मिलावट नहीं होगी। जितना संभव हो सके मल्हार सर्टिफिकेशन का इस्तेमाल करें और उन जगहों से मटन न खरीदें, जहां मल्हार सर्टिफिकेट नहीं हो। इन प्रयासों से हिंदू युवा आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे।

मल्हार की वेबसाइट के अनुसार, इस पहल के तहत केवल वे विक्रेता शामिल होंगे जो हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों का सख्ती से पालन करते हैं। इसका उद्देश्य हिंदुओं और सिखों के लिए गैर-हलाल मांस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके तहत बेचा जाने वाला मांस विशेष रूप से हिंदू खटीक समुदाय के विक्रेताओं के माध्यम से ही उपलब्ध होगा।

CM को एक्शन लेना चाहिए- पटोले

हालांकि बीजेपी नेता के इस पहल का विपक्ष विरोध कर रहा है। मल्हार सर्टिफिकेट के मुद्दे पर कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने कहा, "एक मंत्री इस तरह की बात नहीं कर सकता। इससे यह संदेश जाता है कि मुख्यमंत्री का अपने मंत्रियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। अगर कोई मंत्री दो धर्मों के बीच लड़ाई भड़का रहा है, तो मुख्यमंत्री को कार्रवाई करनी चाहिए।"

कांग्रेस नेता ने कहा, "किसी धर्म को निशाना बनाने का काम किसी सरकार का नहीं होता। ये (बीजेपी) केवल मुसलमानों को ही नहीं हिंदुओं को भी नहीं छोड़ रहे हैं। इन्होंने हिंदू मंदिरों पर कब्जा किया है... बीजेपी किसी का साथ नहीं देती, ये केवल कुछ मुट्ठीभर उद्योगपतियों के साथ खड़ी है।"

वहीँ, नितेश राणे का समर्थन करते हुए बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने कहा, "...मुझे इस बात से कोई दिक्कत नहीं है कि कौन क्या खा रहा है, लेकिन अगर किसी को गलत तरीके से कुछ खिलाया जा रहा है, तो इस पर आपत्ति होनी चाहिए...'हलाल' के समय जानवर में जो रसायन उत्पन्न होते हैं, वे हमारे शरीर के लिए हानिकारक हैं...मैं इस मामले में नितेश राणे का समर्थन करता हूं...चिकन और मटन की दुकान के पास लाइसेंस होना चाहिए।"

क्या सरकार मल्हार सर्टिफिकेट मानेगी?

हालांकि एनसीपी अजित पवार गुट के नेता अमोल मिटकारी ने कहा कि मंत्री जो कह रहे हैं, वह उनका निजी विचार है। अब वह बड़े मंत्री बन गए हैं। हमारी विचारधारा तो शाहू, फूले और अंबेडकर की रही है। सपा विधायक रईस शेख ने मल्हार सर्टिफिकेट पर कहा कि यह अच्छी बात है कि उन्होंने लोगों को विकल्प दिया है, जिसे जो खाना है वह खाएगा। लेकिन नितेश राणे को यह भी बताना चाहिए कि क्या सरकार इस मल्हार सर्टिफिकेट को मानती है।

Updated on:
11 Mar 2025 08:51 pm
Published on:
11 Mar 2025 08:36 pm
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