
Bhagat Singh Koshyari
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की विदाई गुजरात इलेक्शन के बाद हो सकती हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्षी नेता अजित पवार ने तो इसकी तारीख भी बता दी है। छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिए गए बयान के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी चारों ओर से घिर गए हैं। विपक्ष लगातार राज्यपाल कोश्यारी को महाराष्ट्र से भेजने की मांग कर रहा है। जनता के आक्रोश को देखते हुए राज्यपाल भगत सिंह की अपनी पार्टी बीजेपी के नेता भी उन्हें समर्थन देने की बजाए तोल-मोल कर बोलने की नसीहत दे रहे हैं। ऐसे में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र से कहीं और भेजे जाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है।
वहीं, छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और सातारा से सांसद उदयन राजे खुद बीजेपी में होते हुए भी राज्यपाल पर कार्रवाई ना होते देख नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और पार्टी से विरोधी लाइन लेकर अपने समर्थकों के साथ रायगढ़ की ओर कूच कर चुके हैं। वे आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में नजर आ रहे हैं। यह भी पढ़े: महाराष्ट्र: उदयन राजे अपनी ही पार्टी बीजेपी के खिलाफ, आज ले सकते हैं कोई बड़ा फैसला
बता दें कि बीजेपी के सांसद उदयन राजे पर शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने कहा कि उदयन राजे सर-वर छांटने की भाषा बोलने की बजाए बीजेपी की सदस्यता छोड़ कर दिखाएं। अब देखना दिलचस्प होगा कि उदयन राजे आज क्या फैसला करते हैं? छत्रपति शिवाजी महाराज के एक और वंशज संभाजी राजे ने भी शुक्रवार को तब नाराजगी जताई जब एनसीपी और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता द्वारा पुणे में राज्यपाल को काले झंडे दिखाने और प्रदर्शन करने पर पुलिस कार्रवाई हुई।
वहीं, छत्रपति शिवाजी महाराज के तीसरे वंशज शिवेंद्र राजे ने कोई बयान तो नहीं दिया है, लेकिन दो दिनों पहले जब उदयन राजे अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवाजी महाराज के अपमान की बात पर भावुक हो गए थे और उनकी आंखों से आंसू आ गए थे, तब इस घटना पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। शिवेंद्र राजे ने कहा था कि ‘रडायचं नाही, लढायचं’, शिवाजी महाराज के सम्मान के लिए रोना नहीं, लड़ना है।
एनसीपी नेता ने राज्यपाल की रवानगी की तारीख बता दी: शुक्रवार को महाराष्ट्र की विधानसभा में विपक्षी नेता अजित पवार ने दूसरी बार यह जिक्र किया कि जब वे राजभवन में जाकर राज्यपाल से मिलते थे तो राज्यपाल उनसे यही कहा करते थे कि बस हो गया अब, मुझे यहां से जाना है। अजित पवार ने आगे कहा कि जो खुद जाना चाह रहा है, उन्हें भेजो ना। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के बारे में बयान देते समय ऐसा बयान ना दें कि जिससे लोगों की भावनाएं ठेस पहुंचे। 5 दिसंबर को गुजरात विधानसभा के लिए मतदान है। इसके बाद बहुत उम्मीद है कि राज्यपाल पर कार्रवाई की जाएगी। राज्यपाल को भी अपने महाराष्ट्र में रहना नहीं है। वे भी कहते हैं कि हमें जाना है। उन्हें जाना है तो जाने दो।
Updated on:
03 Dec 2022 12:12 pm
Published on:
03 Dec 2022 12:11 pm
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