23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शिंदे की शिवसेना को रोकने के लिए भाजपा की नई चाल? यहां बिगड़ेगा सत्ता का समीकरण

भिवंडी महानगरपालिका चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर (महापौर) पद की लड़ाई ने एक नया मोड़ ले लिया है। चुनाव तो बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन सत्ता के समीकरणों ने दोनों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मुंबई

•

image

Dinesh Dubey

•

Updated: 16 Feb 2026, 3:01 PM IST

Devendra Fadnavis and Eknath Shinde

एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)

महाराष्ट्र के भिवंडी महानगरपालिका में मेयर पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव में साथ उतरने वाली भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) अब आमने-सामने नजर आ रहे हैं। एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने संकेत दिया है कि वह मेयर और डिप्टी-मेयर पद की चुनावी लड़ाई खुद लड़ेगी, जिससे भिवंडी के समीकरण पूरी तरह बदलते दिख रहे है।

भिवंडी महानगरपालिका में सियासी घमासान

15 जनवरी को हुए भिवंडी महापालिका चुनाव भाजपा और शिवसेना ने गठबंधन के तौर पर लड़ा था। चुनाव परिणाम में भाजपा को 22 और शिवसेना को 12 सीटें मिलीं। दोनों मिलकर 34 पार्षद तक पहुंचे, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 46 का आंकड़ा दूर ही रहा।

इसी बीच सत्ता गठन को लेकर जोड़तोड़ शुरू हुई। शिवसेना ने कोणार्क विकास पार्टी (केवीए) के साथ मिलकर मेयर पद हासिल करने की रणनीति बनाई। कोणार्क विकास आघाड़ी के केवल चार नगरसेवक होने के बावजूद सत्ता की चाबी उनके हाथ में मानी जा रही थी। लेकिन भिवंडी की सत्ता में 'किंगमेकर' की भूमिका निभाने वाले विलास पाटिल की गिरफ्तारी ने इस पूरे चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।

बता दें कि भिवंडी महानगरपालिका में कुल 90 सीटें हैं। इनमें कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसे 30 सीटें मिली हैं। भाजपा को 22 सीटों पर जीत हासिल हुई है, जबकि शिवसेना और एनसीपी (शरद पवार गुट) को 12-12 सीटें मिली हैं। कोणार्क विकास पार्टी के खाते में 4 सीटें गई हैं। समाजवादी पार्टी ने 6 सीटें जीती हैं, जबकि 1 सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुआ है।

विलास पाटिल की गिरफ्तारी से बदला समीकरण

पूर्व मेयर और कोणार्क विकास पार्टी (केवीए) के प्रमुख विलास रघुनाथ पाटिल को शनिवार को कथित धोखाधड़ी के मामले में ठाणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा था कि शिवसेना की रणनीति को झटका लग सकता है।

हालांकि सूत्रों के मुताबिक, पुलिस बंदोबस्त में ही विलास पाटिल सोमवार को मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इससे राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है। विलास पाटिल को 2025 के वित्तीय धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन पर लोगों को घर दिलाने के बहाने ठगी करने का आरोप है।

भाजपा और शिवसेना दोनों मैदान में

पहले भाजपा ने मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की। इसके बाद शिवसेना की ओर से प्रकाश पाटिल ने भी साफ कर दिया कि पार्टी मेयर और उप-मेयर दोनों पदों के लिए उम्मीदवार उतारेगी। इस घोषणा के बाद सत्तारूढ़ महायुति में दरार खुलकर सामने आ गई।

20 फरवरी को साफ होगा तस्वीर

भिवंडी महानगरपालिका में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, इसलिए संख्या बल का खेल आखिरी समय तक जारी रहने की संभावना है। 16 फरवरी को नामांकन दाखिल होने के बाद अब सबकी नजर 20 फरवरी पर टिकी है, जब मेयर पद का चुनाव होगा।

भिवंडी महानगरपालिका में सत्ता का समीकरण किसके पक्ष में जाएगा, यह अभी कहना मुश्किल है। लेकिन इतना तय है कि इस बार मेयर की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता किसी भी दल के लिए आसान नहीं होने वाला है।

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग