
भूल जाइए फिक्सड डिपाॅजिट, इस स्कीम से कर सकते है मोटी बचत
नर्इ दिल्ली। आज के दौर में निवेश आैर बचत के कर्इ विक्लपाें के बावजूद भी फिक्सड डिपाॅजिट(एफडी) लोगों की सबसे पहली पसंद होती है। क्योंकि एफडी की गर्इ रकम डिपाॅजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी की स्कीम की तरह इंश्योर्ड होती है। लेकिन इसके अपने नुकसान भी है। जैसे, अगर बैंक को किसी भी तरह का नुकसान होता है तो इस स्कीम के जमाकर्ता को केवल एक लाख रुपए की ही राशि मिलती है। एेसे में हम आपको इसके इतर आैर एक विकल्प के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे अापके बचत की रकम सुरक्षित तो रहेगी ही लेकिन साथ में आप अच्छी कामार्इ भी कर सकते हैं। दरअसल पोस्ट आॅफिस टाइम डिपाॅजिट भी एफडी का एक बेहतर विकल्प है। एफडी के मुकाबले ये अधिक सुरक्षित है क्योंकि यदि आप इसमें निवेश करते हैं तो इसपर आपको मिलने वाले ब्याज की पूरी गारंटी होगी। आइए जानते हैं कि आपको इससे आैर क्या फायदे हैं आैर ये क्यों एफडी के मुकाबले आपके लिए एक बेहतर विकल्प है।
खाते खोलने के लिए क्या करना होगा
सबसे पहले हम आपको ये बता दें कि पोस्ट आॅफिस टाइम डिपाॅजिट में निवेश करने के लिए जरूरी नहीं है कि आप नजदीकी पोस्ट आॅफिस में ही खाता खुलवाएं। आपके पब्लिक सेक्टर के किसी भी बैंक जैसे एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, आइसीआइसीआइ बैंक जैसे बैंक में खाते से भी ये फायदा मिल सकता है। हाल ही में केन्द्र सरकार ने इसकी मंंजूरी दे दी है।
ये हैं निवेश के विकल्प
इसमें निवेश के लिए आपके 1, 2, 3 आैर 5 साल का विकल्प मौजूद होंगे। लेकिन आपको किसी एक खाते में एक ही बार रकम जमा कर सकते हैं। इसके लिए आप न्यूनतम 200 रुपए का निवेश कर सकते हैं आैर इसके बाद आप इसी के गुणांक में निवेश कर सकेंगे। यदि आपके द्वारा जमा राशि 200 के गुणांक में नहीं है तो भी आपको 200 गुणांक राशि पर ही ब्याज मिलेगा। इसके अतिरिक्त जो भी राशि होगी उसे अापको बिना ब्याज के ही रिफंड कर दी जाएगी।
इस तरह मिलेगा भुगतान
इस डिपाॅजिट पर मिलने वाला ब्याज दर सरकार हर तिमाही में शुरूआत में तय करती है। मौजूदा तिमाही में ये दर 1, 2, 3, आैर 5 साल के जो ब्याज दर तय है वो क्रमशः 6.6, 6.7, 6.9 आैर 7.4 फीसदी है। निवेश के बाद ब्याज दर जमा करने के दौरान जो ब्याज दर होगी, वही दर हमेशा के लिए बनी रहेगी। ब्याज का भुगतान वार्षिक तौर पर होता है आैर इसकी गणना तिमाही आधार पर ही होती है। एक साल के लिए खाता खुलवाने पर आपको ब्याज के साथ पूरी राशि एक साथ ही मिल जाएगी। वहीं यदि आप 2, 3 या 5 साल के लिए खाता खुलवाते हैं तो आपको नकदी या चेक में आपको ब्याज राशि का भुगताना होगा। अगर आपकी मेच्योरिटी रकम 20,000 रुपए से अधिक है तो अापको इसका भुगतान चेक में किया जाएगा। अगर आप सलाना ब्याज की निकासी नहीं करना चाहते हैं तो पोस्ट आॅफिस से अनुरोध कर सकते हैं कि ये रकम आपके बचत खाते में ट्रांसफर कर दिया जाए। इसपर आपको 4 फीसदी की दर से सलाना ब्याज भी मिलेगा।
कितना होगा टैक्स
इस स्कीम के सबसे खास बात ये है कि पोस्ट आॅफिस के स्माॅल सेविंग्स स्कीम पर किसी भी प्रकार की टैक्स कटौती नहीं होती है। हालांकि ब्याज से होने वाली आय पर आपको टैक्स देना होगा। आयकर नियमों के मुताबिक इनकम टैक्स एक्ट 80सी के तहत पांच साल की स्कीम पर मिलने वाले ब्याज पर किसी प्रकार का कोर्इ टैक्स नहीं लगता है।
Published on:
25 May 2018 12:58 pm
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