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सही समय पर चुकाएंगे टैक्स तो पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मिलेगा चाय पीने का मौका

टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी को लेकर डिपार्टमेंट की नई योजना अभी तक डिपार्टमेंट टैक्सपेसर्य को दे रहा था सर्टिफिकेट 31 मार्च तक सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपए टैक्स कलेक्शन किया

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Saurabh Sharma

Jun 03, 2019

PM narendra Modi

अगर आप भी पीना चाहते हैं पीएम मोदी के साथ चाय, बस ईमानदारी से भरे टैक्स

नई दिल्ली। ईमानदारी और पूरा टैक्स देने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार नई योजना पर काम कर रही है। योजना के अनुसार सबसे ज्यादा टैक्स चुकाने वाले लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ चाय पीने का मौका मिलेगा। वैसे सरकार ने पहले से ही इंसेंटिव देने की योजना चला रही है। लेकिन जानकारों का कहना है कि पीएम मोदी के साथ चाय पीने की योजना और कारगर और लोगों को प्रोत्साहित करने वाली होगी। आपको बता दें कि 2018-19 के वित्तीय वर्ष टैक्स कलेक्शन में कमी देखने को मिली थी। जिसे बढ़ाने के लिए इस योजना सहारा लिया जाएगा।

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ताकि इनकम टैक्स कलेक्शन बढ़ाया जा सके
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार द्वारा इस योजना को लाने का मकसद इनकम टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी करना है। नरेंद्र मोदी की नई सरकार टैक्स सिस्टम को ज्यादा प्रोग्रेसिव बनाने में जुटी हुई है। नई सरकार अपने पहले बजट में इस बररे में कोई बड़ी घोषणा भी कर सकती है। वहीं नरेंद्र मोदी ने टैक्सपेयर्स को कर चुकाने के लिए धन्यवाद दिया है। वहीं

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पर्सनल इनकम टैक्स का टारगेट नहीं हो सका पूरा
अगर पर्सनल इनकम टैक्स कर करें तो 5.29 लाख करोड़ रुपये का टारगेट रखा गया था। लेकिन इसमें भी करीब 50,000 करोड़ रुपये की गिरावट हुई और लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। इसके चलते ही वित्तीय वर्ष 2018-19 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में कमी आई है। वहीं कॉर्पोरेट टैक्स के लिए 6.71 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था और मामूली अंतर के साथ यह लक्ष्य पूरा हुआ है।

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एडवांस टैक्स के कलेक्शन में कमी
अगर बात एडवांस टैक्स की करें तो कुल 11.5 लाख करोड़ रुपए का रखा गया था। जिसमें से 5 लाख करोड़ रुपए का टैक्स चुकाया गया। अडवांस टैक्स एक वित्तीय वर्ष में सैलरी, बिजनस, प्रफेशन, रेंट जैसे सोर्स से होने वाली टोटल इनकम पर लगता है। अडवांस टैक्स को वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले ही जमा कराना होता है। जिसकी वजह से सरकार की ओर से नई योजना लेकर आई है। सरकार को भरोसा है कि पीएम मोदी के साथ चाय पीने के लिए हर कोई टैक्स ईमानदारी से चुकाएगा।

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ऐसे मिला आइडिया
इस बार 31 मार्च को खत्म हुए वित्तीय वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सरकार के रिवाइज्ड टारगेट से भी कम रहा है। सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपए टैक्स कलेक्शन किया था। जिसके बाद टैक्स अधिकारियों को पीएम मोदी के चाय पीने का आइडिया आया। जिसके बहाने देश के लोग ज्यादा से ज्यादा टैक्स भर सकें। वास्तव में सरकार को इस बार काफी फंड की जरुरत है। ताकि घोषित वेलफेयर योजनाओं को बेहजर तरीके से चला सके। इसके लिए टैक्स का पूरा आना काफी जरूरी है।


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