पालघर के दो मछुआरे भाई रोज की तरह कल भी जाल लेकर मछली पकड़ने गए हुए थे। लेकिन वहां पर जो मछली उनके जाल में फंसी उसने उन मछुआरों को लाखों का मालिक बना दिया। मुंबई तट पर लौटते समय उनके जाल में घोल मछली फंस गई। दोनों आम दिनों की तरह बाजार में मछली बेचने के लिए पकड़ने के लिए घर से निकले थे। लेकिन सौभाग्य से उन्हें यह मछली मिल गई जो पूर्वी एशिया में अपने अंदरुनी अंगों से बनने वाले औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। इस मछली को सोने का दिल वाली कहा जाता है। रविवार को जो मछली पकड़ी गई वह आमतौर पर सिंगापुर,मलेशिया, इंडोनेशिया, हॉन्ग कॉन्ग और जापान को निर्यात की जाती है। इस मछली के एक किलो की कीमत भी 800 से 1000 के बीच होती है।