
शामली। उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के पक्ष में एक बार फिर कांग्रेसियों ने मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने वित्तविहीन शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं यूपी टैट-2011 उत्तीर्ण अभ्यर्थियों और शिक्षकों के साथ की गई बर्बरता के विरोध में राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा हैं। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को बताने की अपील की है।
लोकसभा चुनाव को करीब देखते हुए उत्तर प्रदेश में लगातार आंदोलित वित्तविहीन शिक्षकों के समर्थन में अब विपक्षी दलों ने भी प्रदेश सरकार पर हमला शुरू कर दिया है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने महामंत्री राजेश कश्यप के नेतृत्व में वित्तविहीन शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं यूपी टैट-2011 उत्तीर्ण अभ्यार्थियों व शिक्षकों के साथ की गई बर्बरता के विरोध में राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम सदर शामली अरविंद कुमार को सौंपा।
कांग्रेसियों ने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों, शिक्षेणेत्तर कर्मचारियों एवं यूपी टैट-2011 के अभ्यार्थियों व शिक्षकों को लखनऊ में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करने पर बर्बरतापूर्वक पीटा गया। वित्तविहीन शिक्षक समान कार्य-समान वेतन दिलाये जाने तक सम्मानजनक मानदेय एवं यूपी टैट-2011 के अभ्यर्थी माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश एवं मेरिट के आधार पर नियुक्ति दिलाने को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
टैट पास अभ्यर्थियो का आरोप है कि यूपी टैट-2011 में कम मैरिट वाले नियुक्ति पा गए तथा अधिक अंक वालों को सभी अर्हताओं को पूरा करने के बावजूद भी नियुक्ति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिक्षकों की योग्यता पर प्रश्न उठाकर अशोभनीय टिप्पणी कर रहे हैं। जिससे शिक्षक वर्ग अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। लेकिन भाजपा सरकार द्वारा तानाशाह एवं दमनकारी नीतियों को अपनाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों एवं गर्भवती महिलाओं से बर्बता की गई। उन्होंने उक्त मामले की जांच कराकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मां की है।
Published on:
7 Sep 2018, 6:59 PM IST
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