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वेस्ट यूपी पहुंचे गुजरात के राज्यपाल ने दी ऐसी सलाह, जानकर आप भी कहेंगे वाह

Highlights भाजपा केंद्रीय मंत्री ने राज्यपाल का किया स्वागत विश्वविद्यालय में किसानों को संबोधित करते हुए दी प्राकृतिक खेती करने की सलाह किसानों को फ्री में दिया जा रहा निशुल्क प्रशिक्षण

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मुजफ्फरनगर । जिले में सोमवार गुजरात के राज्यपाल आचार्य देववृत पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदेश के किसानों को प्राकृतिक खेती करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जो हम इस वक्त खेती कर रहे हैं। वह जहर कि खेती है। हम लोगों को प्राकृतिक खेती करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि भारत में आने वाली नई नस्लों को सुरक्षित रखने के साथ ही एक स्वस्थ भारत की नींव रखनी है, तो हमें रासायनिक खेती का त्याग कर प्राकृतिक खेती अपनानी होगी। उन्होंने किसानों से कीटनाशक और यूरिया को छोड़कर देशी गाय और देशी खाद्य को इस्तेमाल करने की नसीहत दी।

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किसानों को फ्री में दिया जा रहा नि शुल्क प्रशिक्षण

हरियाणा के गुरूकुल में किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सोमवार को मुजफ्फरनगर में छोटू राम डिग्री कॉलेज में किए गए प्राकृतिक खेती-एकमात्र समाधान विषय पर सेमिनार का आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे आचार्य देवव्रत ने सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि 50 साल पहले भारत में उपज कम थी। भुखमरी के हालात पैदा हो गये थे। यहां पर खाद्यान्न की उपज बढ़ाने के लिए रासायनिक खेती को अपनाया गया था। वह उस दौर की आवश्यकता थी। इस हरित क्रांति का देश को लाभ मिला और भारत कृषि में आत्मनिर्भर बना, लेकिन आज प्राकृतिक खेती पर लौटना समय की आवश्यकता बन गया है। आज बहुतायत में किसान बेहतर उपज पाने के लिए गंभीर कीटनाशक, यूरिया और उर्वरक का उपयोग कर खेतों को बंजर बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। आज देश में तेजी से फैल रही कैंसर, हार्ट अटैक और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों का एक बड़ा कारण यही रासायनिक खेती है। उन्होंने कहा कि हमें भारत के भविष्य को सुरक्षित रखने और नई नस्ल को स्वस्थ जीवन देने के लिए 50 साल पुरानी खेती की विधि पर लौटना होगा।

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इस प्रदेश अगले तीन साल में प्राकृतिक खेती पर जाएंगे किसान

राज्यपाल ने कहा कि आन्ध्र प्रदेश में 2022 तक शत प्रतिशत किसान प्राकृतिक खेती पर आ जायेंगे। हिमाचल प्रदेश में भी किसान इस ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरूकुल विश्व विद्यालय हरियाणा का 200 एकड़ का फार्म प्राकृतिक खेती का जीता जागता नमूना हुआ है। वहां पर हम किसानों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। अच्छी फसल हासिल की जा रही है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केन्द्रीय पशुपालन मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि केन्द्र सरकार देश में प्राकृतिक खेती के लिए अभियान चलाये हुए हैं। उत्तर भारत में अभी इसके लिए काफी काम करना बाकी है। उन्होंने कहा कि यहां के किसानों को बात थोडी देर से समझ में आती है, जब यहां का किसान किसी परिवर्तन की ठान लेता है तो वह डिगता नहीं है।

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