
मुजफ्फरनगर। मसूरी की लालबहादुर शास्त्री एकेडमी में फर्जी ट्रेनी आईएएस बनकर रही रूबी चौधरी को लेकर देहरादून पुलिस मंगलवार को मेरठ पहुंची। यहां गंगानगर स्थित गंगासागर कालोनी में रूबी के रिश्तेदारों से पांच घंटे तके पूछताछ की। फरवरी में रूबी गंगासागर में ही रही थी। मंगलवार को मामले की जांच करने के लिए देहरादून पुलिस रूबी के वकील अरुण खन्ना के साथ गंगासागर कालोनी के एफ-83 मकान में पहुंची।
मसूरी थाने के एसएचओ चंदन सिंह बिष्ट और पुलिसकर्मियों के साथ रूबी के मामा अजय पंवार भी थे। गंगासागर में रूबी के रिश्तेदार किरनपाल का है। किरनपाल रूबी के पति वीरेन्द्र मलिक के जीजा हैं। पुलिसकर्मियों ने बंद मकान में रूबी से पूछताछ कर लगभग पांच घंटे तक उसकी पढ़ाई और ट्रेनिंग से संबधित कागजात की जांच की। शाम सवा आठ बजे करीब पुलिस रूबी के साथ बच्चपार्क स्थित आईएएस कोचिंग सेंटर पर पहुंच गई। इस कोचिंग सेंटर से रूबी ने आईएएस के लिए तैयारी की थी।
रूबी के एडवोकेट अरुण खन्ना ने दावा किया कि एकेडेमी के डायरेक्टर सौरभ जैन ने रूबी को लाइब्रेयिन की पोस्ट का लालच देकर बुलाया था। जॉब का सौदा बीस लाख रुपये में हुआ था, जिसमें से पांच लाख रुपये सौरभ जैन को दिए भी जा चुके हैं। इस मामले में सौरभ जैन के खिलाफ भी मुकदमा दायर कराने की तैयारी की जा रही है।
Published on:
08 Apr 2015 02:04 pm
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