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ब्रेकिंग: शामली मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल अंकित का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन, नम आंखों से लोगों ने विदाई

शामली मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल अंकित तोमरा का उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार हो गया।

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martyr Constable ankit tomar funeral in baghpat

शामली। कैराना के जंधेड़ी गांव में मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए कांस्टेबल अंकित तोमर का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। अंकित का अंतिम संस्कार बागपत स्थित उनके पैतृक गांव वजीदपुर में किया गया। इस दौरान अधिकारियों से लेकर गांव के लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। इससे पहले गुरुवार सुबह शामली पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ गनर के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी गई। इस दौरान डीआईजी केएस इमैनुअल सहारनपुर भी मौजूद रहे। सैकड़ों पुलिसकर्मियो के साथ ही परिजनों और ग्रामीणों ने भी शहीद को अंतिम विदाई दी।

सीएम ने दी 50 लाख की आर्थिक मदद

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद अंकित तोमर की वीरता और साहस की प्रशंसा करते हुए उनके परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है। आर्थिक सहायता के रूप में 40 लाख रुपए शहीद की पत्नी व 10 लाख रुपए उनके माता-पिता को दिए जाएंगे।

इलाज के दौरान हो गई थी मौत

कैराना के गांव जंधेड़ी में एक लाख के इनामी बदमाश साबिर से मुठभेड़ के दौरान लोहा लेने वाले घायल कांस्टेबल अंकित तोमर की उपचार के दौरान नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल में बुधवार रात लगभग 10 बजे मौत हो गई थी। उनकी मौत से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई थी। मुठभेड़ में अंकित के सिर में बार्इ ओर गोली लगी थी। वहीं, नोएडा के अस्‍पताल में जब तक अंकित तोमर भर्ती रहे, तब तक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों का अस्पताल परिसर में जमावड़ा लगा रहा।

दो बच्चों के पिता थे अंकित

बड़ौत के वजीदपुर निवासी अंकित भार्इ-बहनों में सबसे बड़े थे। उनके पिता जयपाल ने बताया कि वह गांव में खेती करते हैं। घर की सारी जिम्मेदारी अंकित के कंधों पर ही थी। उससे छोटी एक बहन और भार्इ है। 2011 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए अंकित तोमर कुछ समय पहले ही बदायूं से ट्रांसफर के बाद शामली के कैराना थाने में एसओ के हमराह में तैनात हुए थे। उनकी शादी 2012 में हुर्इ थी। उनका एक चार साल की बेटी और पांच माह का बेटा है। दो दिन पहले ही अंकित अपने गांव आए थे। इसके बाद वह अपनी ड्यूटी पर वापस लौट गए।

ऐसे हुआ था मुठभेड़

मंगलवार देर रात कैराना कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक लाख रुपये का इनामी बदमाश साबिर अपने गांव जंधेड़ी में घर में ही मौजूद है। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर कैराना भगवत सिंह ने पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचकर साबिर के मकान की घेराबंदी कर ली। इस दौरान साबिर अपने आपको घिरता देख पुलिस पर हमला बोलते हुए अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। फायरिंग में कोतवाल कैराना भगत सिंह और पुलिसकर्मी अंकित तोमर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान पुलिस में हड़कंप मच गया और आसपास के थानों की फोर्स बुलाकर पुलिस ने ताबड़तोड़ गोलियां साबिर पर बरसा कर उसे ढेर कर दिया। बदमाश साबिर पर पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में लूट, हत्या व रंगदारी के तीन दर्जन से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं।

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