सहारनपुर। सहारनपुर में आयाेजित अपनी सहारनपुर व मेरठ मंडल की रैली में उमड़ी भीड़ से गदगद बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर भी तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रहते हुए शीला दीक्षित ने यूपी वालों को गंदगी फैलाने वाले बताया था। अब यूपी वाले शीला को कैसे बर्दाश्त करेंगे।
दरअसल अपनी रैली के दाैरान मायावती बारी-बारी से कभी भाजपा कभी कांग्रेस ताे कभी समाजवादी पार्टी पर निशाना साध रही थी। उद्देश्य सिर्फ एक ही था कि किसी तरह रैली में आए लाेगाें काे यह समझाया जाए कि बाकी पार्टियां ताे राजनीति करती हैं सिर्फ बहुजन समाजवादी पार्टी ही एक एेसी पार्टी है जाे सभी वर्गाें के लाेगाें काे साथ लेकर चलती है।
सपा काे उत्तर प्रदेश में हुए दंगे आैर अपराधाें पर घेरते हुए मायावती ने केंद्र सरकार काे कालेधन पर आड़े हाथ लिया आैर कहा कि नरेंद्र माेदी ने उस समय लाेगाें काे सपना दिखाया था कि यदि केंद्र में भाजपा की सरकार आएगी ताे 100 दिन में काला धन वापस ले आएंगे। यह भी कहा था कि इस तरह काला धाना आने पर प्रत्येक गरीब परिवार के प्रत्येक सदस्य के खाते में 16-16 लाख रुपये डलवाएं जाएंगे।
इस बात काे तंज के रूप में उठाते हुए मायावती ने रैली में आए लाेगाें से पूछा कि क्या उनके खाते में एक भी फूटी काैड़ी आई। इसी क्रम में जब उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधा ताे इस बार उन्हाेंने शीला दीक्षित पर तंज कसते हुए अपनी बात काे आगे बढ़ाया।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के हाल ताे इतने खराब हाे गए हैं उस पार्टी काे पूरे यूपी से काेई सीएम प्रत्याशी भी नहीं मिल सका है। जब प्रदेश में काेई सीएम प्रत्याशी नहीं मिला ताे दिल्ली से बुजुर्ग महिला काे बुलाकर उनके नाम की घाेषणा कांग्रेस काे करनी पड़ी।