नवाजुद्दीन सिद्दीकी और उनके परिवार के छह लोगों के खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ व मारपीट के मुकदमे में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है। यह एफआर कोर्ट में स्वीकृत होनी बाकी है।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी और उनके परिवार के छह लोगों के खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ व मारपीट के मुकदमे में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है। यह एफआर कोर्ट में स्वीकृत होनी बाकी है।
पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने मुकदमे की वादी को नोटिस जारी कर एफआर के विरुद्ध प्रोटेस्ट का मौका दिया है। इसके पहले भी न्यायालय की तरफ से वादी को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
ये दर्ज हुआ था मामला
फिल्म अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की पत्नी आलिया ने जुलाई 2020 में अपनी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने व मारपीट का मामला मुंबई में दर्ज कराया था, जो बाद में यहां स्थानांतरित हुआ था। इस मुकदमे में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी, मां मेहरूनिशा, भाई फैजुद्दीन, अयाजुद्दीन, मिनाज़ुद्दीन को आरोपी बनाया गया था। सभी को हाईकोर्ट से बाद में जमानत मिल गई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करके एफआर लगाते हुए सभी आरोपियों को क्लीन चिट दी थी।
कोर्ट से अभी नहीं मिली स्वीकृति
यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रितेश सचदेवा के कोर्ट में विचाराधीन है। मुकदमे में लगाई गई एफआर को अभी कोर्ट ने स्वीकृति प्रदान नहीं की है। मुकदमे की वादी आलिया सिद्दीकी को कोर्ट में पेश होकर जवाब दाखिल करने को कहा गया था, लेकिन वह अभी तक पेश नहीं हुई हैं। अब न्यायालय ने एफआर के विरुद्ध प्रोटेस्ट के लिए एक और अवसर वादी को दिया है। कोर्ट ने एक बार फिर नोटिस जारी कर सात अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने को कहा है।