
मुजफ्फरनगर। जिले में थाना छपार क्षेत्र के गांव खामपुर निवासी युवक जावेद बहनों की शादी (Sister Marriage) के लिए सऊदी अरब से वापस अपने घर ही लौटा था। इसकी जानकारी मिलते ही उसे दिल्ली से NIA ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस ख़बर से जावेद के परिवार में मातम छा गया। वहीं आरोप है कि जावेद को (Terror funding) टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जबकि उसके पिता ने जावेद को निर्दोष बताते हुए कहा कि अगर बेटा दोषी पाया जाता है, तो वह खुद उसे मार देंगे।
दरअसल मुजफ़्फरनगर के थाना छपार के गांव खामपुर निवासी जावेद को एनआईए की टीम द्वारा रविवार रात गिरफ्तार किया है। एनआईए की टीम ने जावेद को (Terror funding) टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जावेद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा को फंड जुटाता था। सूत्रों के अनुसार एनआईए की टीम जावेद को पिछले दो साल से तलाश रही थी। इससे पहले NIA की टीम 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। छपार थाना क्षेत्र के खामपुर गांव का रहने वाला जावेद अली पुत्र इमरान कई साल से सऊदी अरब में रह रहा था। वह सऊदी अरब में कारपेंटर का काम किया करता था।
एयरपोर्ट पर आते ही एनआईए ने कर लिया गिरफ्तार
सऊदी अरब से लौटते ही दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट (IGI AIRPORT) से जावेद को एनआईए की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। लश्कर के एक सरगना शेख अब्दुल नईम उर्फ सोहेल खान को NIA ने 2 साल पहले गिरफ्तार किया था। सोहेल ने पूछताछ के बाद खुलासा किया था कि जावेद सऊदी अरब से हवाला के जरिए (Terror funding) टेरर फंडिंग कर रहा है। इससे पहले NIAने टेरर फंडिंग के आरोप में शेख अब्दुल नईम, तौसीफ अहमद मलिक, दिनेश गर्ग, आदिश कुमार जैन बेदार बख्त को गिरफ्तार किया था। वहीं जावेद के पिता इमरान ने बेटे को निर्दोष बताया है।
Published on:
12 Nov 2019 07:33 pm
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