प्राईवेट स्कूल ने फीस न जमा करने पर छात्र-छात्राओं को परीक्षा से रोका, नहीं दी एक दिन की भी मोहलत

प्राईवेट स्कूल ने फीस न जमा करने पर छात्र-छात्राओं को परीक्षा से रोका, नहीं दी एक दिन की भी मोहलत

Rahul Chauhan | Publish: Sep, 16 2018 05:40:35 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 05:40:36 PM (IST) Muzaffarnagar, Uttar Pradesh, India

मुजफ्फरनगर जिले के ही पुरबालियान गांव की रहने वाली एवं बीपीई की छात्रा दिव्या काकरान ने एशियाई खेलों में देश के लिए पहलवानी में कांस्य पदक जीता है।

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में शिक्षा के एक मंदिर में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें स्कूल में समय से फीस जमा न कर पाने के कारण विद्यालय के प्रबंधक व प्रधानाचार्य पर बच्चों को स्कूल से बाहर निकालने वह अर्धवार्षिक परीक्षा छुड़ाने का आरोप लगाते हुए दर्जनों स्कूली छात्र-छात्राएं जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे।

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जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य को फीस जमा करने के लिए 1 दिन का समय देकर छात्र-छात्राओं को विद्यालय में वापस पढ़ाई करने के लिए आदेशित करने की गुहार लगाई। आपको बात दे कि मुजफ्फरनगर जिले के ही पुरबालियान गांव की रहने वाली एवं बीपीई की छात्रा दिव्या काकरान ने एशियाई खेलों में देश के लिए पहलवानी में कांस्य पदक जीता है। इसके बावजूद भी छात्र-छात्राओं के साथ इस जिले के स्कूल में इस तरह का बर्ताव किया जा रहा है। मामला थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव पचेन्डा खुर्द का है, जहां गांव में पायनियर पब्लिक स्कूल के नाम से कक्षा एक से इंटर तक का विद्यालय संचालित है।

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छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय की स्थापना से लेकर गांव के बच्चे स्कूल में पढ़ने जाते हैं, जिनकी 13 सितंबर से अर्धवार्षिक परीक्षा शुरू हो गई है। इनमें गांव के सात-आठ बच्चे जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, वे समय से फीस जमा नहीं कर पाए। जिस वजह से उनके बच्चों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया और स्कूल में आने के लिए भी मना कर दिया गया। इसके बाद जब फीस जमा करने के लिए अभिभावकों द्वारा एक दिन का समय मांगा गया तो विद्यालय प्रबंधक उसके लिए भी तैयार नहीं हुए। परिजनों का कहना है कि परीक्षा छूट जाने के कारण बच्चे डिप्रेशन का शिकार हैं और अपने घर में खाना भी नहीं खा रहे हैं। शनिवार को ये बच्चे जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई।

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