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Shiv Sena को लगा बहुत बड़ा झटका, बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने इस्तीफा देकर बनाया नया संगठन, देखें वीडियो

Highlights: -पिछले 27 वर्षों तक शिव सेना रहने वाले ललित मोहन ने प्रमुख पदाधिकारियों के साथ इस्तीफा दे दिया -साथ ही नये हिन्दूवादी संगठन क्रान्ति शिव सेना के गठन की भी घोषणा कर दी -क्रान्ति शिवसेना का पहला अधिवेशन 25 मार्च यानि हिन्दू नववर्ष पर आयोजित होगा

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मुजफ्फरनगर। जनपद में पिछले काफी समय से शिव सेना में पदों के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को समाप्त हो गया। कारण, पिछले 27 वर्षों तक शिव सेना में रहकर पार्टी का विस्तार करने वाले ललित मोहन शर्मा ने पार्टी पर हिन्दुत्व की विचारधारा से मुंह मोड़ने का आरोप लगाते हुए भारी संख्या में जिले भर के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ शिव सेना से इस्तीफा दे दिया। साथ ही नये हिन्दूवादी संगठन क्रान्ति शिव सेना के गठन की भी घोषणा कर दी।

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दरअसल, गुरुवार को शिव सेना पार्टी कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए शिवसेना के वेस्ट उत्तर प्रदेश प्रमुख रहे ललित मोहन शर्मा ने कहा कि हम और हमारे जैसे लाखों शिव सैनिक बाला साहब ठाकरे के प्रखर हिन्दूत्व के कारण 25 वर्षो से अधिक समय तक शिव सेना से जुडे रहे। परन्तु आज उद्धव ठाकरे समर्थित शिव सेना ने सत्ता प्राप्ती के लिये बाला साहब के हिन्दूवादी विचारों को तिलांजली दे दी। जिस समाजवादी पार्टी के हाथ सैकडों कार सेवकों के खून से रंगे है, महाराष्ट्र की शिव सेना सरकार आज उसी हिन्दू विरोधी सपा की बैसाखी पर टिकी है। महज सत्ता में बने रहने के लिये कमी जामियां मिलिया की घटना को जलियां वाला बाग की बताना, कभी जेएनयू में मारपीट की घटना को मुम्बई के आतंकी हमले कहने वाले उद्धव ठाकरे के मराठी सैनिक उत्तर भारतीय शिव सैनिक का सर केवल इसलिये मूण्ड देते है। क्‍योंकि उसने नागरिक संशोधन कानून के समर्थन को जायज ठहरा दिया था। अब यह अहसास हो चुका है कि महाराष्ट्र तक सीमित रहने वाली शिव सेना के नेताओं की नजर में उत्तर भारतीय शिव सैनिकों का कोई वजूद नहीं है।

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वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव मनोज सैनी ने कहा कि बाला साहब ठाकरे के प्रखर हिन्दुत्व को जीवित रखने व क्षेत्रीय मुद्दों पर जनता की आवांज को बुलन्द करने के लिये क्रान्ति शिव सेना का गठन किया गया है। शीघ्र ही मराठी शिवसेना से त्रस्त लाखों शिव सैनिक क्रान्ति शिव सेना में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि देश भर से बंगलादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को बाहर करने व एनआरसी और सीएए के प्रावधानों को अतिशीघ्र लागू करने के साथ-साथ विस्फोटक रूप से बढ़ रही मुस्लिम आबादी पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर क्रान्ति शिवसेना का पहला अधिवेशन 25 मार्च यानि हिन्दू नववर्ष पर आयोजित होगा। जिसमें 10 हजार से अधिक क्रान्ति शिव सैनिक शामिल होंगे। इससे पूर्व पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक में ललित मोहन शर्मा को सर्व सम्मति से क्रान्ति शिव सेना का प्रमुख चुन लिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि ललित मोहन शर्मा के नेतृत्व में क्रान्ति शिव सेना का विस्तार तेजी से होगा।