
मुजफ्फरनगर। इंसान के अंदर अगर कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो वो आसमान में भी सुराख कर सकता है। ये तो खूब बढ़ा और सुना होगा, लेकिन वो इंसान जो सुन नहीं सकता उसके लिए अगल मुकाम बनाना काफी मुश्किल होता है। रुकिए, ऐसा हम सोचते हैं... क्योंकि इस हकिकत को जानने और सुनने के बाद आप इस कहावत और डायलॉग पर विश्वास कर सकते हैं कि अगर किसी चीज को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उसे आपतक पहुंचाने में लग जाती है। यहां तक की बड़ी से बड़ी बाधाओं को भी अपनी रुख मोड़ना पड़ता है।
भारत की पहली मिस वर्ल्ड डेफ 2019, जी हां साउथ अफ्रीका में 22 जुलाई 2019 को हुई मिस वर्ल्ड डेफ 2019 प्रतियोगिता हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश की बेटी विदिशा बालियान ने न सिर्फ प्रतिभाग लिया बल्कि ताज जीतकर भारत के साथ ही मुजफ्फरनगर का नाम भी रोशन किया। लेकिन विदिशा के यहां तक पहुंचने की राह आसान नहीं थी। इतनी कम उम्र में विदिशा ने एक लंबा सफर तय किया है। क्योंकि इस जीत के पीछे कई हार छुपी है। आइए जानते हैं विदिशा के बारे में...
मिस वर्ल्ड डेफ 2019 जीतकर जिले और देश का नाम रोशन करने वाली मुजफ्फरनगर की बेटी विदिशा बालियान रविवार को जनपद मुजफ्फरनगर पहुंची। इस दौरान विदिशा और उसके पिता विपिन बालियान ने बताया कि किन-किन परिस्थितियों में विदिशा ने पढ़ाई की और उसके बाद इतना बड़ा मुकाम हासिल किया है। विदिशा के पापा विपिन बालियान बताते हैं कि विदिशा ने इसके लिए श्रवण बाधित होने के बावजूद भी कड़े संघर्ष के चलते मुकाम पाया है।
दरअसल विदिशा ने कभी इस तरफ जाने का नहीं सोचा था। वो खेलना चाहती थी, लॉन टेनिस की प्लेयर रहीं हैं। उनके पिता बताते हैं कि विदिशा लगभग 8 साल तक बोल नहीं पाई थीं। मगर हमने इसे स्कूल में भेजना शुरू कर दिया। स्कूल में भी काफी परेशानी होती थी। फिर हमने इसका एम्स में चेकअप कराना शुरु किया। जहां पता चला कि इसे सुनने में प्रॉब्लम है (श्रवण बाधिर) । इसके बाद फिर हमने मुजफ्फरनगर शहर छोड़कर इसकी पढ़ाई के लिए गाजियाबाद चले गए। खेल के प्रति विदिशा की रुची देखकर दिल्ली में स्थित एक स्टेडियम में एडमिशन कराया। जहां इसे इंटरनेशनल ओलंपिक स्तर के कोच की ओर से गेम की तैयारी कराई। विदिशा ने कई मेडल लॉन टेनिस राष्ट्रीय स्तर पर जीते हैं। इसके बाद विदिशा ओलंपिक में टर्की में खेलने गई। टर्की में खेलने के दौरान विदिशा को चोट लग गई।
जिसके बाद से गेम छोड़ना पड़ा। लेकिन विदिशा ने हार नहीं मानी और पीछे मुड़ कर देखा उन्होंने मॉडलिंग को अपना चेहरा बनाना शुरू किया। मिस वर्ल्ड 2019 का खिताब जीतने के लिए विदिशा ने दर्द होने के बावजूद भी हिमन्त नहीं हारी और लगातार प्रेक्टिस करती रहीं । साथ ही फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया और यही कारण है कि विदिशा में पहले गुहाटी में मिस इंडिया डेफ 2019 बन गई। उसके बाद साउथ अफ्रीका में मिस वर्ल्ड डेफ 2019 का खिताब जीतकर भारत की पहली भारतीय महिला बन गयी और देश का नाम रोशन किया।उनके पिता कहते हैं कि उन्हें आज इतनी खुशी है कि जिन्हें शब्दों में नहीं बताया जा सकता। वहीं रविवार को अपने गृह जनपद पहुंची विदिशा बालियान का जनपद वासियों ने जोरदार स्वागत किया।
Updated on:
09 Aug 2019 09:21 am
Published on:
09 Aug 2019 09:20 am

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