मुजफ्फरपुर। जिले के अलग-अलग प्रखंडों के 116 गांवों में 25 दिन से चिकन पॉक्स का प्रकोप है। 897 लोग बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। 235 मरीज अभी भी इलाजरत हैं। हालांकि बीमारी से अब तक किसी की मौत की सूचना नहीं है। अचानक बढ़े बीमारी के प्रकोप पर केन्द्र सरकार ने रिपोर्ट तलब की है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी मेडिकल अधिकारियों को अलर्ट किया है। चिकन पॉक्स से जिले के सभी प्रखंडों के लोग प्रभावित हुए हैं।
सिविल सजर्न डॉ ललिता सिंह ने कहा कि चिकन पॉक्स बीमारी नियंत्रित है। कहीं से मरने की सूचना नहीं है। किसी भी मरीज को पीएचसी या एसकेएमसीएच में भर्ती करने की नौबत नहीं आयी। विशेष मेडिकल टीम की व्यवस्था की गयी है। हर रोज बीमारी की रिपोर्ट व मॉनिटरिंग हो रही है।
तापमान में अचानक बदलाव के कारण और वायरस के प्रकोप से चिकन पॉक्स की बीमारी फैल गयी। एक से दूसरे में बीमारी फैल गयी। आबादी घनत्व अधिक होने से मरीजों की संख्या बढ़ी । प्रख्यात कालाजार रोग विशेष डॉ. टीके झा ने बताया कि यह बड़ी बीमारी नहीं है। गंदगी व आबादी के घनत्व के कारण बीमारी फैली।
आठ फरवरी को राज्य स्वास्थ्य समिति की टीम के निरीक्षण के बाद कई सुविधाएं बहाल की गयीं। गांवों में हर रोज चिकन पॉक्स मरीजों की खोज में आशा, आंगनबाड़ी सेविका सहायिका, एएनएम को लगाया गया है। सभी पीएचसी में विशेष मेडिकल टीम की व्यवस्था हुई है। एसकेएमसीएच में अलग दस बिस्तरों का वार्ड बना है, लेकिन एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है। एक भी मौत नहीं हुई है