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बालिका गृह यौन शोषण मामला:ब्रजेश ठाकुर के रसूख को जानकर, सीबीआई की टीम भी हैरत में

किंगपिन ब्रजेश ठाकुर के अस्पताल में भर्ती रहने पर जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा ने अस्पताल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी कि उसे कौन सी बीमारी है जिसका लगातार इलाज चल रहा है...

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brijesh thakur

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प्रियरंजन भारती की रिपोर्ट...

(पटना): मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले की छानबीन कर रही सीबीआई की टीम भी यह जानकर हैरत में है कि किंगपिन ब्रजेश ठाकुर अपने रसूख का लाभ उठाकर जेल अस्पताल में 39दिनों से भर्ती होकर वीआईपी की तरह ट्रीटमेंट ले रहा है। सीबीआई टीम रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंची और तेजी से मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

किंगपिन ब्रजेश ठाकुर के अस्पताल में भर्ती रहने पर जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा ने अस्पताल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी कि उसे कौन सी बीमारी है जिसका लगातार इलाज चल रहा है। झा ने कहा कि मेडिकल बोर्ड गठित कर उसका इलाज कराया जाएगा। इसके लिए डीएम के माध्यम से सिविल सर्जन को पत्र लिखा जाएगा।

जेल आते ही अस्पताल में भर्ती

तीन जून को खुदी राम बोस केंद्रीय जेल में गिरफ्तार होकर आने के बाद ही अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए ब्रजेश ,श्रीकृष्ण सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती हो गया था। 17दिनों बाद 28जून को उसे जेल वापस लाया गया। वहां से जेल लौटने के बाद वह जेल अस्पताल में भर्ती हो गया। बताया गया है कि उसका ब्लड प्रेशर.नियंत्रित नहीं हो रहा है। उसे मधुमेह की बीमारी भी बताई गई है।

एक और ने खोला ब्रजेश का राज

बेतिया निवासी एक व्यक्ति ने मुजफ्फरपुर पुलिस को पत्र भेजकर ब्रजेश के और कई राज खोले हैं।पत्र के आलोक में जांच के बाद तथ्यों का खुलासा डीएसपी मुकुल कुमार रंजन ने अपनी सुपरविजन रिपोर्ट में किया है।पूरी रिपोर्ट सीबीआई टीम को भी सौंप दी गयी।पत्र लिखने वाले ने पुलिस को बताया था कि ब्रजेश बच्चों का सौदागर है।वह कागज घोटाले का आरोपित भी है।उसके खिलाफ दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में एक मामला दर्ज है।

गायब मोबाइल में छुपें है कई राज

सीबीआई की गाइडलाइन में ब्रजेश का लापता मोबाइल ढूंढ़ना भी शामिल है।सीबीआई को उम्मीद है कि उसके मोबाइल में महत्वपूर्ण राज दर्ज हैं।गिरफ्तारी के बाद जेल आने से पहले ही उसने अपना मोबाइल किसी शख्श को देने में सफल रहा था।इसका पुलिस अब तक पता नहीं लगा पाई है।सीबीआई इस पर गंभीर है।यदि मोबाइल नहीं मिलता तो उसका सीडीआर और आईएमईआई नंबर के जरिए इतिहास खंगाला जाएगा।

निलंबित सहायक निदेशक पर नज़र

बाल संरक्षण इकाई के निलंबित सहायक निदेशक विपिन कुमार शर्मा पर भी सीबीआई टीम नज़रें टिकाई हुई है।स्वधार गृह से गायब छः महिलाओं के मामले में पुलिस सत्यापन को लेकर समस्या झेल रही है।इस मामले में विपिन शर्मा पर गहरे शक हैं।पुलिस जांच पर सीबीआई ने भी नज़रें टिका रखी हैं।

महिला भिक्षुक पुनर्वास केंद्र से गायब

इधर रामदयालु नगर स्थित महिला भिक्षुक पुनर्वास केंद्र से एक महिला गायब पाई गई है।यह केंद्र मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत चलाया जाता है। संस्था की तरफ से नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस बीज बैरिया स्थित पुरुष पुनर्वास केंद्र भिक्षुओं के बीच कथित मारपीट के बाद बंद कर दिया गया है।इसे चलाने वाले होम सांई फाउंडेशन का क़रार भी खत्म कर दिया गया है।

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