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कोरोना नहीं होने पर भी शव सात घंटे एम्बुलेंस में पड़ा रहा, गड्ढे में दफनाया

(Bihar News ) कोरोना काल (Corona period ) में बगैर कोरोना के होने वाली मौतें भी परिजनों के आफत साबित हो रही हैं। कोरोना का भय इस कदर व्याप्त है कि आसानी से न सिर्फ मृतक का दाह-संस्कार विधिवत तरीके से हो पा रहा है, बल्कि उसके परिजनों से भी बदसलूकी के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही मानवता को शर्मसार (Humanity ashamed ) करने वाला एक मामला मुजफ्फरपुर सरैया थाना क्षेत्र के गोरीगामाडीह पंचायत के आनंदपुर गंगौलिया गांव में सामने आया।

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कोरोना नहीं होने पर भी शव सात घंटे एम्बुलेंस में पड़ा रहा, गड्ढे में दफनाया

कोरोना नहीं होने पर भी शव सात घंटे एम्बुलेंस में पड़ा रहा, गड्ढे में दफनाया

मुजफ्फरपुर(बिहार): (Bihar News ) कोरोना काल (Corona period ) में बगैर कोरोना के होने वाली मौतें भी परिजनों के आफत साबित हो रही हैं। कोरोना का भय इस कदर व्याप्त है कि आसानी से न सिर्फ मृतक का दाह-संस्कार विधिवत तरीके से हो पा रहा है, बल्कि उसके परिजनों से भी बदसलूकी के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही मानवता को शर्मसार (Humanity ashamed ) करने वाला एक मामला मुजफ्फरपुर सरैया थाना क्षेत्र के गोरीगामाडीह पंचायत के आनंदपुर गंगौलिया गांव में सामने आया।

पत्नी को कोरोना के सदमे से पति की मौत
आनंदपुर गंगौलिया निवासी 60 साल के एक वृद्ध को सात दिनों से सर्दी खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ से पीडि़त था। सरैया सीएचसी में पति -पत्नी ने बुधवार को कोरोना का जांच कराई। जांच में पत्नी पॉजिटिव निकली। पति की रिपोर्ट निगेटिव आई। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर शनिवार की सुबह सरकारी एंबुलेंस से पत्नी को एसकेएमसीएच भेजा गया। इलाज शुरू होने से पहले ही पति की हार्ट अटैक से मौत हो गई। चिकित्सकों ने पुन: जांच में कोरोना निगेटिव बताते हुए शव को एंबुलेंस से घर भेज दिया।

पत्नी को गांव में नहीं घुसने दिया
पत्नी के कोरोना पॉजिटिव होने को लेकर कुछ गांव वाले शव का दाह संस्कार करने से मना कर दिया। नदी में शव को फेंक देने की बात कहने लगे। इसी क्रम में शव एंबुलेंस में लगभग सात घंटे तक पड़ा रहा। मृतक के साले के बहुत मिन्नत करने के बाद भी कोई शव को गाड़ी से उतारने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। मृतक की पत्नी को छोड़ घर में कोई नहीं है। पुत्र जयपुर में रहता है। सूचना पर दो में से एक दामाद आया भी तो डर के मारे भाग गया।

कुदाल तक नहीं दी
मामले से बीडीओ डॉ. भृगुनाथ सिंह को अवगत कराया। इसके बाद मुखिया की ओर से जेसीबी भेजा गया। जेसीबी वाले ने गांव के श्मशान घाट के पास सड़क किनारे गड्ढा खोद दिया। शव का दाह संस्कार करने के बजाय गड्ढे में दफन कर दिया गया। अंतत: मृत व्यक्ति के साले व दूसरे व्यक्ति ने पोखरैरा निवासी रालोसपा नेता प्रकाश कुमार, स्थानीय डीलर पुत्र लड्डू ठाकुर व तीन अन्य की उपस्थिति में काफी प्रयास के बाद शव को गड्ढे में डाला। गांव के किसी व्यक्ति ने कुदाल नहीं दिया, तो लोगों ने हाथ से ही गड्ढे में मिट्टी डाली। शनिवार की देर रात काफी तेज वर्षा होने के कारण शव का कुछ भाग दिखने लगा। इससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गये और सरैया तुर्की पथ में आनंदपुर गंगौलिया में श्मशान घाट के समीप सड़क जाम कर दी। विधायक अशोक कुमार सिंह के अनुज मुन्ना सिंह, उपप्रमुख तारकेश्वर चौधरी, पंसस रमेश सिंह, बिन्नू ठाकुर के सहयोग से शव पर जेसीबी से मिट्टी डाला गया। उसके बाद यातायात शुरू हो सका।