
रोल. रंगनाथ भगवान मंदिर में तैयारी करते हुए,रोल. रंगनाथ भगवान मंदिर में तैयारी करते हुए,रोल. रंगनाथ भगवान मंदिर में तैयारी करते हुए
नागौर जिले के रोल कस्बे के श्रीरंगनाथ भगवान के मंदिर में ग्यारह दिवसीय 115 वां ब्रह्मोत्सव रविवार से आरम्भ हुआ।
श्रीरंगनाथ देवस्थान ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेश बूब ने बताया कि 3 से 13 मार्च तक आयोजित इस महोत्सव के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग वाहनों पर भगवान की प्रतिमा को विराजमान कर नगर भ्रमण करवाया जाएगा। भगवान की सवारी का ग्रामीणों की ओर से स्वागत-सत्कार किया जाएगा। भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएगी। रोजाना नए-नए रूपों में भगवान का विशेष शृंगार होगा।
सभी धार्मिक कार्यक्रम दक्षिण भारत से आए विद्वान वैदिक मंत्रोचारण के साथ दक्षिण भारतीय शैली में संपन्न करवाएंगे। ब्रह्मोत्सव में देश के कौने-कौने से प्रवासी भाग लेंगे। बूब ने बताया कि 3 मार्च को मृतिका संग्रह, 4 मार्च को ध्वजारोहण व पालकी सवारी, 5 मार्च को चंद्रप्रभा सवारी, 6 मार्च को गरुड़ वाहन सवारी, 7 मार्च को हनुमान वाहन सवारी, 8 मार्च को हंस वाहन व शेषनाग की सवारी, 9मार्च को मोहनी वेश पालकी व कदम वृक्ष, 10 मार्च को रथोत्सव व शोभायात्रा, 11 मार्च को कल्याण व गंगाल उत्सव, 12 मार्च को प्रणय जलक्रीड़ा, चक्र स्नान व यज्ञ स्नान तथा 13 मार्च को बारह गोष्ठी प्रसाद, ध्वजा अवरोहण तथा सभी देवी-देवताओं को विदाई सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
ब्रह्मोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर है। इसी प्रकार मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, यज्ञ, हवन, तिरुमञ्जन, भजन-कीर्तन की धूम रहेगी।
मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया
भगवान रंगनाथ मंदिर को ब्रह्मोत्सव आयोजन के लिए आकर्षक रूप से सजाया गया है। जिस बड़े बगीचे में भगवान विश्राम करेंगे उस पर चारों तरफ से फूलों की सजावट की गई है। वहीं मंदिर के प्रवेशद्वार से लेकर परिक्रमा निज मंदिर सहित सभी स्थानों को आकर्षक रूप से सजाया है ।
बूब परिवार ने करवाया था मंदिर का निर्माण
मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेश बूब ने बताया बताया कि सेठ तुलसीराम बूब दक्षिण भारत में तीर्थ यात्रा करने गए तब वहां के पंडित अनंतआचार्य ने सेठ की कृष्ण भक्ति को देखकर उन्हें गांव में विष्णु भगवान का मंदिर बनाने की सलाह दी ।उनसे प्रेरणा लेकर सेठ ने यहां पर 115 वर्ष पहले भव्य रंगनाथ भगवान मंदिर का निर्माण करवाया। इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहां पर रंगनाथ भगवान की शेषनाग की शय्या पर विश्राम करते हुए एकमात्र मूर्ति है इस मंदिर में 115 वर्षों से ब्रह्मोत्सव प्रक्रिया अनवरत जारी है।
प्रसादी के लिए भक्तों की लगेगी कतारें
रंगनाथ भगवान मंदिर में ब्रह्मोत्सव के दौरान भगवान की सवारी के नगर भ्रमण के बाद प्रसाद वितरण कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ती है। प्रसादी का प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भक्त लाभ लेंगे।
Updated on:
03 Mar 2024 04:51 pm
Published on:
03 Mar 2024 04:50 pm
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