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नागौर जिले का एक गांव ऐसा जो बरसात में रहता जलमग्न

- सूथली गांव की पीड़ा: बरसात में आधे गांव भरा रहता है पानी - पानी निकासी की समूचित व्यवस्था नहीं होने से महीनों तक भरा रहता है बरसाती पानी - ग्राम पंचायत पानी निकासी के लिए हर साल लगाती है पम्प- सरकार ने किया 25 लाख का बजट स्वीकृत नहीं हुआ काम

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 नागौर जिले का एक गांव ऐसा जो बरसात में रहता जलमग्न

बूड़सू के निकट सूंथली गांव में भरा पानी

बूड़सू (नागौर). सरकार जनता को राहत पहुंचाने के लिए शिविरों का आयोजन कर रही है, जबकि नागौर जिले के बूडसू कस्बे के निकट एक गांव ऐसा है जो हर बरसात में आहत होता है। गांव के आधे हिस्से में बरसात का पानी भरा रहने से लोगों को घरों से निकलना तक दूभर हो जाता है। यह समस्या पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने उत्पन्न होती है। हर साल पानी निकालने के लिए ग्राम पंचायत को मोटर पम्प लगाना पड़ता है। यह समस्या है कूकड़ोद ग्राम पंचायत के सूंथली गांव की। बरसात होने पर पूरा गांव जलमग्न हो जाता है और काफी दिनों तक पानी भरा रहता है। इस बार भी महीने भर पहले शुरू हुई मानसून की पहली बारिश ही गांव जलमग्न हो गया। आज भी बरसात का पानी आधे गांव में भरा हुआ है। जमीन के सोखने पर ही पानी खत्म होता है।

इससे ग्रामीणों को काफी समस्या उठानी पड़ती है। ग्रामीण धर्मवीर बाना, पीयूष कुमावत, जितेंद्रसिह भोमिया, राकेश जांगिड़ ने बताया कि पहली बरसात में ही पानी का भराव हो गया । आस पास के घरों में पानी भरा रहता है, जिससे लोगों का घरों से बहार निकलना भी दुभर हो गया है। यहां शंकर भगवान का मंदिर है। श्रावण मास में लोग मंदिर में पूजा करने के लिए जाते है पर चारों तरफ पानी भरा होने से मंदिर तक जाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है। पास बनी दुकाने बंद रहती है। लोगों का कहना है कि घर से बाहर छोटे बच्चे निकल जाए तो डूबने का भय बना रहता है। पानी का भराव के कारण डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने का भी डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच व मकराना के उच्च अधिकारियों को पानी के भराव की समस्या को लेकर कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। ज्यादा पानी भराव होने पर गांव से अन्यत्र मार्गों पर जाने वाले वाहन भी बंद हो गए हैं।
पास में बना है राजकीय विद्यालय

- पानी भराव स्थल के पास राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बना हुआ है। विद्यालय की पूरी नींव पानी में डूबी रहती है। अगर पानी नींव में रिसता रहा तो कभी बडा हादसा हो सकता है। विद्यार्थियों को पानी से होकर जाना पड़ता है।
बजट घोषणा में स्वीकृत हुए 25 लाख

पिछले दिनों राज्य सरकार ने बजट में सूंथली ग्राम में पानी निकासी की समस्या के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
इनका कहना है

मैं मौके पर गया, चारों ओर पानी भरा हुआ है। मैंने ग्रामीणों को बजट देने की घोषणा भी की, लेकिन गांव में गुटबाजी होने के कारण लोगों ने कहा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बजट स्वीकृत कर दिया। गांव में पानी भराव की बड़ी समस्या है, पानी निकासी को लेकर जल्द ही उचित उपाय किया जाएगा।
रूपाराम मुरावतियां, विधायक मकराना ।

इनका कहना है

पानी भराव के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। ,जनरेटर लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया जाएगा। बिदामी देवी, मलिन्दा, सरपंच कूकड़ोद।